तीज 2025: ये 5 उपाय करने से चमकेगी आपकी किस्मत

भारत त्योहारों की धरती है। यहाँ हर त्यौहार के पीछे कोई न कोई धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व छिपा होता है। सावन और भाद्रपद के पावन महीने में आने वाला तीज पर्व खासतौर पर महिलाओं के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। तीज का नाम सुनते ही मन में झूले, गीत-संगीत, मेंहदी, सुहागन स्त्रियों की सजधज और भगवान शिव-पार्वती की पूजा का चित्र उभर आता है।
तीज 2025 का पर्व आस्था, प्रेम और सौभाग्य का प्रतीक है। मान्यता है कि इस दिन यदि सच्चे मन से कुछ विशेष उपाय किए जाएँ, तो जीवन की तमाम परेशानियाँ दूर हो सकती हैं और किस्मत चमक सकती है। चाहे वैवाहिक जीवन हो, करियर की बाधाएँ हों या धन-संपत्ति की समस्या – तीज के दिन किए गए शुभ कार्य बहुत फलदायी माने जाते हैं।
आइए जानते हैं विस्तार से तीज 2025 का महत्व, पूजा विधि और वे पाँच खास उपाय जो आपकी तकदीर बदल सकते हैं।
तीज 2025 कब है?
हर साल की तरह 2025 में भी तीज का पर्व भाद्रपद मास की तृतीया तिथि को मनाया जाएगा। इस बार यह पर्व [यहाँ सही तिथि डाल सकते हैं – अगस्त 2025 के आस-पास] पड़ेगा।
इस दिन स्त्रियाँ दिनभर व्रत रखती हैं और रात्रि में भगवान शिव-पार्वती की पूजा करती हैं। अविवाहित कन्याएँ अच्छे वर की कामना करती हैं और विवाहित स्त्रियाँ पति की लंबी उम्र व दांपत्य सुख की प्रार्थना करती हैं।
तीज का धार्मिक महत्व
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पौराणिक मान्यता – कहा जाता है कि माता पार्वती ने अनेक जन्मों तक कठोर तपस्या की थी ताकि उन्हें भगवान शिव पति के रूप में मिलें। अंततः तीज के दिन ही उनकी तपस्या पूरी हुई और भगवान शिव ने उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया।
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सुहाग का पर्व – यह पर्व विवाहित स्त्रियों के लिए सौभाग्यवर्धक माना जाता है। इस दिन सुहागिनें सजधज कर श्रृंगार करती हैं और व्रत-पूजन करती हैं।
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प्रकृति से जुड़ाव – सावन-भाद्रपद के इस मौसम में चारों ओर हरियाली होती है। इसी कारण इसे हरियाली तीज भी कहते हैं।
तीज 2025 पर किए जाने वाले 5 शुभ उपाय
अब जानते हैं वे पाँच उपाय जो तीज 2025 के दिन करने से आपकी किस्मत चमक सकती है और जीवन में सुख-समृद्धि का संचार होगा।
शिव-पार्वती की संयुक्त पूजा करें
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तीज के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा को साथ में स्थापित करें।
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हल्दी, कुंकुम, फूल, चंदन और बेलपत्र से उनकी पूजा करें।
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विशेष ध्यान रखें कि माता पार्वती को श्रृंगार का सामान (सिंदूर, चूड़ी, बिंदी, बिछिया आदि) अर्पित करें।
लाभ: ऐसा करने से दांपत्य जीवन में मिठास आती है, वैवाहिक संबंध मजबूत होते हैं और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाएँ
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शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएँ।
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सात बार उस पेड़ की परिक्रमा करें और भगवान विष्णु का नाम लें।
लाभ: शास्त्रों के अनुसार पीपल के पेड़ में ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है। इस उपाय से जीवन की कठिनाइयाँ दूर होती हैं और भाग्य का उदय होता है।
सुहाग का दान करें
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इस दिन किसी जरूरतमंद विवाहित महिला को श्रृंगार का सामान, लाल साड़ी या चूड़ी आदि दान करें।
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यदि संभव हो तो भोजन करवाएँ।
लाभ: दान करने से पुण्य मिलता है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। साथ ही, पति-पत्नी के बीच प्रेम और सौहार्द बढ़ता है।
माँ गौरी को चुनरी चढ़ाएँ
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तीज पर माँ गौरी (पार्वती जी) को लाल या हरी चुनरी चढ़ाएँ।
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चुनरी पर हल्दी से स्वस्तिक बनाकर अर्पित करें।
लाभ: इससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है। अविवाहित कन्याओं को मनचाहा वर मिलता है और विवाहित स्त्रियों के जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
गरीब कन्याओं को भोजन और वस्त्र दें
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इस दिन खासकर छोटी बच्चियों (कन्याओं) को भोजन, मिठाई और वस्त्र देना बहुत शुभ माना जाता है।
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उन्हें खिलौने या पुस्तकें भी दी जा सकती हैं।
लाभ: कन्यादान को सबसे बड़ा दान माना गया है। इससे घर में लक्ष्मी का आगमन होता है और जीवन से दरिद्रता दूर होती है।
तीज व्रत के लाभ
तीज 2025: ये 5 उपाय करने से चमकेगी आपकी किस्मत
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वैवाहिक जीवन में सुख-सौभाग्य की वृद्धि होती है।
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अविवाहित कन्याओं को योग्य पति प्राप्त होता है।
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आर्थिक स्थिति में सुधार आता है।
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परिवार में आपसी प्रेम और शांति बढ़ती है।
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किस्मत चमकती है और जीवन में नई राहें खुलती हैं।
तीज से जुड़ी रोचक बातें
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तीज का पर्व राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है।
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इस दिन महिलाएँ झूला झूलती हैं और पारंपरिक गीत गाती हैं।
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बाज़ारों में मेंहदी, चूड़ी और श्रृंगार की वस्तुओं की रौनक देखते ही बनती है।
FAQ
Q1. तीज 2025 कब है?
👉 तीज 2025 का पर्व भाद्रपद मास की तृतीया तिथि को मनाया जाएगा। इस दिन महिलाएँ व्रत रखकर शिव-पार्वती की पूजा करती हैं।
Q2. तीज का धार्मिक महत्व क्या है?
👉 तीज का संबंध माता पार्वती की तपस्या से है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव ने उन्हें पत्नी रूप में स्वीकार किया। यह व्रत वैवाहिक सुख और सौभाग्य के लिए किया जाता है।
Q3. तीज 2025 पर कौन से पाँच उपाय करने चाहिए?
👉 शिव-पार्वती की संयुक्त पूजा, पीपल के नीचे दीपक जलाना, सुहाग का दान, माँ गौरी को चुनरी चढ़ाना और गरीब कन्याओं को भोजन व वस्त्र देना।
Q4. तीज व्रत रखने के क्या लाभ हैं?
👉 इससे दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि आती है, अविवाहित कन्याओं को मनचाहा वर मिलता है और किस्मत चमकती है।
Q5. क्या अविवाहित लड़कियाँ भी तीज व्रत रख सकती हैं?
👉 हाँ, अविवाहित कन्याएँ यह व्रत रख सकती हैं। इससे उन्हें योग्य पति प्राप्त होता है और जीवन में खुशहाली आती है।
निष्कर्ष
तीज 2025 केवल एक धार्मिक पर्व ही नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक उत्सव भी है। यह दिन महिलाओं की आस्था, प्रेम और त्याग का प्रतीक है। यदि इस दिन श्रद्धा और विश्वास के साथ ऊपर बताए गए पाँच उपाय किए जाएँ, तो किस्मत जरूर चमकती है और जीवन खुशियों से भर जाता है।
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