न्यूयॉर्क शहर ने मंगलवार को इतिहास रच दिया। 34 वर्षीय ज़ोहरान ममदानी ने न्यूयॉर्क के मेयर चुनाव में जीत दर्ज कर न सिर्फ़ नया अध्याय लिखा, बल्कि कई मायनों में यह जीत ऐतिहासिक बन गई। उन्होंने 50 प्रतिशत वोट हासिल कर न्यूयॉर्क के पिछले सौ सालों में सबसे युवा मेयर बनने का गौरव पाया। इसके साथ ही वे शहर के पहले मुस्लिम और भारतीय मूल के मेयर भी बन गए हैं।

ऐतिहासिक जीत
अमेरिकी न्यूज़ एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ने ज़ोहरान ममदानी को “मेयर-इलेक्ट” घोषित किया। 80 प्रतिशत वोटों की गिनती के बाद ममदानी को 50.3% वोट मिले। उनके करीबी प्रतिद्वंदी, डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एंड्रयू कुओमो को 41.6% वोट मिले, जबकि रिपब्लिकन उम्मीदवार कर्टिस सिल्वा को सिर्फ़ 7.2% वोट हासिल हुए।
यह नतीजा बताता है कि न्यूयॉर्क के लोगों ने बदलाव और नई सोच को चुना है।
कौन हैं ज़ोहरान ममदानी?
ज़ोहरान ममदानी का जन्म कंपाला (युगांडा) में हुआ था। जब वे सिर्फ़ सात साल के थे, उनका परिवार न्यूयॉर्क आकर बस गया। बाद में उन्होंने अमेरिकी नागरिकता प्राप्त की।
उनकी माँ मीरा नायर एक प्रसिद्ध भारतीय-अमेरिकी फिल्म निर्माता हैं, जिन्होंने सलाम बॉम्बे! और मॉनसून वेडिंग जैसी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर फिल्में बनाई हैं।
उनके पिता महमूद ममदानी कोलंबिया यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं और अफ्रीकी इतिहास व राजनीति पर विशेषज्ञ माने जाते हैं।

उनकी व्यक्तिगत ज़िंदगी
Zohran Mamdani: न्यूयॉर्क को मिला पहला मुस्लिम और भारतीय मूल का सबसे युवा मेयर
ज़ोहरान ममदानी ने 2024 में सीरियाई-अमेरिकी कलाकार रमा दुवाजी से सगाई की थी। दोनों ने इस साल फरवरी में लोअर मैनहैटन के सिटी क्लर्क ऑफिस में एक साधारण कोर्ट मैरिज की। उनकी सादगी और समानता पर आधारित सोच को न्यूयॉर्क के युवाओं ने खूब सराहा।
राजनीतिक सफर की शुरुआत
ज़ोहरान ने 2020 में न्यूयॉर्क की विधानसभा (New York State Assembly) के लिए चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। उन्होंने क्वींस जिले का प्रतिनिधित्व किया।
विधानसभा सदस्य रहते हुए उन्होंने कई सामाजिक और जनहित से जुड़े काम किए।
उनकी सबसे चर्चित पहल रही — फ्री बस सेवा का पायलट प्रोजेक्ट, जिसके तहत कुछ शहर बसों को एक साल के लिए मुफ़्त कर दिया गया था।
मेयर के रूप में उनका विज़न
मेयर चुनाव के दौरान ज़ोहरान ममदानी ने अपनी प्रचार मुहिम में उन मुद्दों पर ज़ोर दिया, जो आम लोगों के जीवन से सीधे जुड़े हैं।
उनके मुख्य चुनावी वादे थे:
-
सभी के लिए फ्री चाइल्ड केयर (मुफ़्त बाल देखभाल सेवाएँ)
-
मुफ़्त बस यात्रा की सुविधा
-
किराए पर नियंत्रण और किराए वाले मकानों पर किराया फ्रीज़
-
सस्ते आवास (Affordable Housing) का निर्माण
-
अमीरों पर अधिक टैक्स, ताकि गरीबों के लिए सरकारी योजनाएँ मजबूत हों
उनकी यह नीतियाँ युवाओं, कामकाजी वर्ग और आप्रवासी समुदायों के बीच बेहद लोकप्रिय हुईं।
एक नई सोच वाला नेता
ज़ोहरान ममदानी खुद को “डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट” कहते हैं।
इसका मतलब है — वे ऐसे समाज में विश्वास करते हैं जहाँ सबको समान अवसर मिले और सरकार नागरिकों की बुनियादी ज़रूरतें पूरा करने में बड़ी भूमिका निभाए।
उनकी राजनीति पब्लिक सर्विस (जन सेवा) पर आधारित है, न कि केवल सत्ता पाने पर।

पहला मुस्लिम और भारतीय मूल का मेयर
न्यूयॉर्क शहर में विविधता हमेशा से रही है, लेकिन अब पहली बार किसी मुस्लिम और भारतीय मूल के व्यक्ति ने मेयर की कुर्सी हासिल की है।
यह जीत न सिर्फ़ ज़ोहरान ममदानी के लिए बल्कि पूरे दक्षिण एशियाई और मुस्लिम समुदाय के लिए गर्व का क्षण है।
भारतीय मूल के लोगों ने अमेरिका के अलग-अलग राज्यों में अपनी छाप छोड़ी है, लेकिन न्यूयॉर्क जैसे वैश्विक शहर में यह जीत बेहद खास मानी जा रही है।
ममदानी की लोकप्रियता का कारण
ज़ोहरान ममदानी ने अपने अभियान के दौरान ज़मीनी जुड़ाव पर ध्यान दिया।
वे अक्सर स्थानीय बाजारों, सबवे स्टेशनों और स्कूलों में जाकर लोगों से मिलते थे।
उन्होंने अपनी भाषण शैली में भारी-भरकम राजनीतिक शब्दों की बजाय सरल और दिल को छूने वाली बातें कीं।
युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता का एक बड़ा कारण यह भी है कि वे आम जीवन जीते हैं, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करते हैं और सोशल मीडिया पर लोगों से सीधे संवाद करते हैं।

न्यूयॉर्क के लिए नई उम्मीद
ममदानी की जीत के बाद न्यूयॉर्क में लोगों के बीच उत्साह की लहर है।
कई लोग मानते हैं कि यह शहर अब एक नए सामाजिक और आर्थिक मॉडल की ओर बढ़ेगा, जहाँ समानता और न्याय को प्राथमिकता दी जाएगी।
उनकी जीत ने अमेरिका में आप्रवासी समुदायों को भी नई प्रेरणा दी है कि वे भी राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।
निष्कर्ष
ज़ोहरान ममदानी की कहानी केवल एक व्यक्ति की जीत नहीं है, बल्कि यह बताती है कि मेहनत, ईमानदारी और जनता से जुड़ाव के बल पर कोई भी इतिहास रच सकता है।
एक छोटे से देश युगांडा में जन्मा बच्चा आज दुनिया के सबसे बड़े शहरों में से एक का मेयर बन गया — यह वाकई प्रेरणादायक कहानी है।
ममदानी ने यह साबित कर दिया कि राजनीति केवल सत्ता का खेल नहीं, बल्कि समाज सुधार का माध्यम भी हो सकती है।
उनकी यह ऐतिहासिक जीत आने वाले वर्षों में न सिर्फ़ न्यूयॉर्क बल्कि पूरी दुनिया में एक नई उम्मीद का प्रतीक बनेगी।

[…] […]