Union Budget 2026-27: MSME को मिलने वाली बड़ी राहतें?

Union Budget 2026-27: MSME को मिलने वाली बड़ी राहतें? निर्मला सीतारमण की अहम बैठक में क्या हुआ, जानें पूरा विवरण

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Union Budget 2026-27: निर्मला सीतारमण ने MSME हितधारकों के साथ प्री-बजट बैठक की

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को नई दिल्ली में माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSME) सेक्टर से जुड़े प्रमुख हितधारकों के साथ प्री-बजट परामर्श बैठक की। यह बैठक आगामी Union Budget 2026-27 की तैयारियों का एक अहम हिस्सा है, जिसे 1 फरवरी 2026 को संसद में पेश किया जाएगा।

इस तीसरे दौर की बैठक में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, आर्थिक मामले विभाग के सचिव और वित्त मंत्रालय तथा MSME मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। MSME संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी माँगें, चुनौतियाँ और नीतिगत सुझाव सरकार के सामने रखे।

Union Budget 2026-27: MSME को मिलने वाली बड़ी राहतें? निर्मला सीतारमण की अहम बैठक में क्या हुआ, जानें पूरा विवरण

MSME सेक्टर पर फोकस: विकास, क्रेडिट और प्रतिस्पर्धात्मकता

बैठक में MSME क्षेत्र की मुख्य समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इनमें शामिल थे:

  • आसान और सुलभ लोन उपलब्ध कराना

  • भुगतान में देरी की समस्या को हल करना

  • तकनीक अपनाने में सहायता

  • छोटे उद्योगों पर अनुपालन (Compliance) का बोझ कम करना

  • ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस को बेहतर बनाना

अधिकारियों के अनुसार MSME सेक्टर भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। देश में 11 करोड़ से अधिक लोग MSME क्षेत्र में कार्यरत हैं और यह क्षेत्र लगभग 30% GDP में योगदान देता है। इसलिए सरकार का विशेष फोकस MSMEs की वित्तीय पहुँच को और मज़बूत करना, डिजिटल भुगतान प्रणाली को बढ़ावा देना और तकनीकी उन्नयन के लिए प्रोत्साहन देना है।

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प्री-बजट कंसल्टेशन जारी

यह बैठक प्री-बजट परामर्श का तीसरा चरण था। इससे पहले वित्त मंत्री ने कृषि क्षेत्र और आर्थिक नीति विशेषज्ञों के साथ भी चर्चा की थी। सरकार का उद्देश्य है कि बजट तैयार करने से पहले हर सेक्टर की राय ली जाए, ताकि नीतियाँ जमीन से जुड़ी जरूरतों के अनुरूप बनाई जा सकें।

ये कंसल्टेशन सरकार को यह समझने में मदद करते हैं कि किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है, कौन–सी नीतियाँ MSME विकास को तेज़ कर सकती हैं और कैसे देश की आर्थिक प्रगति को गति मिल सकती है।

MSME: भारत की आर्थिक वृद्धि का प्रमुख इंजन

पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने MSME क्षेत्र को मजबूती देने के लिए कई प्रमुख योजनाएँ शुरू की हैं। इनमें शामिल हैं:

  • ECLGS (Emergency Credit Line Guarantee Scheme)

  • PLI (Production Linked Incentive) स्कीम

  • RAMP कार्यक्रम (Raising and Accelerating MSME Performance)

इन योजनाओं ने छोटे और मध्यम उद्योगों को क्रेडिट, डिजिटल सपोर्ट और उत्पादन क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण सहायता दी है।

अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान परामर्श प्रक्रिया आगामी बजट में MSME सेक्टर के लिए और बेहतर योजनाएँ बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। भारत के $5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य में MSME सेक्टर का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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निष्कर्ष

Union Budget 2026-27 को लेकर सरकार की तैयारियाँ तेज़ हो चुकी हैं। प्री-बजट चर्चा से संकेत मिलता है कि MSME सेक्टर इस बार भी बजट में मुख्य केंद्र बिंदु रहेगा। तकनीकी विकास, क्रेडिट एक्सेस और छोटे व्यवसायों को मजबूत बनाने पर विशेष ज़ोर दिया जाएगा, जिससे देश की आर्थिक गति को और बढ़ावा मिल सके।

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