शनि साढ़े साती: शनिदोष दूर करने के उपाय - NamasteSamachar

शनि साढ़े साती: शनिदोष दूर करने के उपाय

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शनि साढ़े साती: शनिदोष दूर करने के उपाय

ज्योतिष शास्त्र में शनि ग्रह को कर्मफलदाता कहा गया है। शनि का स्वभाव कठोर माना जाता है क्योंकि वे व्यक्ति को उसके अच्छे-बुरे कर्मों के अनुसार ही फल देते हैं। जब किसी जातक की कुंडली में शनि साढ़े साती चलती है, तो जीवन में संघर्ष, आर्थिक परेशानी, मानसिक तनाव और कई बार स्वास्थ्य संबंधी समस्या बढ़ सकती है।

लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। शनि की साढ़े साती से बचने और उनके दोष को कम करने के लिए शनिवार का दिन बहुत ही शुभ और प्रभावशाली माना गया है।

शनि-साढ़े-साती

 साढ़े साती क्या है?

  • साढ़े साती का अर्थ है साढ़े सात वर्ष की अवधि।

  • जब शनि ग्रह किसी जातक की चन्द्र राशि के पहले, दूसरे और तीसरे भाव से होकर गुजरते हैं, तो यह समय साढ़े साती कहलाता है।

  • यह अवधि लगभग 7 साल 6 महीने तक चलती है।

 साढ़े साती के प्रभाव

  1. आर्थिक संकट – धन की कमी, कर्ज़ बढ़ना।

  2. कैरियर में रुकावट – नौकरी छूटना या प्रमोशन न होना।

  3. मानसिक तनाव – चिंता, बेचैनी, नींद की समस्या।

  4. स्वास्थ्य पर असर – पुरानी बीमारी या अचानक चोट।

  5. संबंधों में दूरी – परिवार और वैवाहिक जीवन में परेशानी।

👉 ध्यान रहे, शनि हमेशा बुरा नहीं देते। अगर आप सच्चाई और ईमानदारी के मार्ग पर चलें, तो शनि पुरस्कृत भी करते हैं।

 शनिवार को शनि दोष कम करने के उपाय

1. शनि देव की पूजा

  • शनिवार को स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें।

  • शनि मंदिर में जाकर सरसों के तेल और काले तिल से दीपक जलाएँ।

  • शनि देव की मूर्ति या शिला पर तेल चढ़ाएँ।

2. तैल अभिषेक व दान

  • सरसों का तेल, उड़द दाल, काले तिल दान करें।

  • गरीब या जरूरतमंद को तेल दान करने से शनि दोष कम होता है।

3. शनि मंत्र जप

प्रत्येक शनिवार कम से कम 108 बार यह मंत्र जपें –

“ॐ शं शनैश्चराय नमः”

👉 इससे मानसिक शांति मिलती है और नकारात्मक प्रभाव घटता है।

4. काले वस्त्र व अनाज दान

  • शनिवार को काले कपड़े, लोहे की वस्तु, उड़द दाल दान करना शुभ माना जाता है।

5. पीपल वृक्ष की पूजा

  • शनिवार की शाम को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाकर 7 बार परिक्रमा करें।

  • यह उपाय शनि दोष कम करने में अत्यंत प्रभावी है।

6. पशु-पक्षियों को भोजन कराना

  • शनिवार को काले कुत्ते को रोटी और दूध खिलाना शुभ होता है।

  • गाय या गरीब व्यक्ति को भोजन कराना भी शनि को प्रसन्न करता है।

 शनि से जुड़े रत्न

ज्योतिष शास्त्र में शनि के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए नीलम (Blue Sapphire) धारण करने की सलाह दी जाती है।
⚠️ लेकिन इसे धारण करने से पहले किसी अनुभवी ज्योतिषी से परामर्श करना बहुत जरूरी है।

 शनिवार को क्या न करें?

  • झूठ, अन्याय और धोखा न दें।

  • शराब और मांस का सेवन न करें।

  • गरीब और मजदूर के साथ दुर्व्यवहार न करें।

  • वृक्ष काटना या जानवरों को कष्ट देना शनि को अप्रसन्न करता है।

निष्कर्ष

शनि की साढ़े साती को ज्योतिष में कठिन समय माना जाता है, लेकिन यह केवल दुर्भाग्य का समय नहीं है। वास्तव में, यह काल मनुष्य को उसके कर्मों का बोध कराता है। शनि देव किसी को बिना कारण कष्ट नहीं देते। वे हमें यह सिखाते हैं कि जीवन में ईमानदारी, मेहनत और सत्य का मार्ग ही सबसे महत्वपूर्ण है।

अगर कोई व्यक्ति इस समय में धैर्य बनाए रखे, नियमित रूप से शनिवार को शनि देव की पूजा करे, मंत्र जपे, गरीब और जरूरतमंद की मदद करे, तो उसके जीवन की अनेक समस्याएँ धीरे-धीरे कम हो जाती हैं। शनि केवल उन लोगों को दंड देते हैं जो गलत रास्ते पर चलते हैं, जबकि सच्चे और कर्मठ व्यक्ति को वे सफलता और स्थिरता का वरदान भी देते हैं।

FAQ:

Q1: शनि की साढ़े साती कितने समय तक रहती है?
👉 लगभग 7 साल 6 महीने।

Q2: शनिदोष कम करने का सबसे सरल उपाय क्या है?
👉 शनिवार को सरसों के तेल का दीपक जलाना और गरीब को दान करना।

Q3: शनि के लिए कौन सा मंत्र जपें?
👉 “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र 108 बार जपें।

Q4: शनि के लिए कौन सा रत्न शुभ है?
👉 नीलम (Blue Sapphire), परंतु केवल विशेषज्ञ ज्योतिषी की सलाह से।

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