राहुल गांधी से मुलाकात की,मतदाता सूची से नाम हटाने की बात झूठ है|
मतदाता सूची से नाम हटाने की बात झूठ है: राहुल गांधी बिहार में मतदाता अधिकार यात्रा पर हैं। इस दौरान वे उन लोगों से मिल रहे हैं जिनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। इसी क्रम में नौहट्टा के चपला गाँव निवासी सुधीर राम की पत्नी रंजू देवी ने राहुल गांधी से मुलाकात की और कहा कि मेरे परिवार का नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है। अब पता चला है कि किसी का नाम नहीं हटाया गया है।

मतदाता अधिकार यात्रा: रोहतास जिले के नौहट्टा के चपला गाँव निवासी सुधीर राम की पत्नी रंजू देवी ने राहुल गांधी को बताया था कि उनके परिवार के 6 सदस्यों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। लेकिन, रंजू देवी के परिवार के सभी सदस्यों के नाम मतदाता सूची में हैं।
अब रंजू देवी ने इस बात से इनकार करते हुए कहा कि उनके परिवार के 6 सदस्यों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। रंजू देवी ने बताया कि गाँव के पंचायत सचिव ने उनसे कहा कि उनके सभी नाम हटा दिए गए हैं। आपको जाकर राहुल गांधी को यह बताना होगा। इसके बाद वे डर गए। वे गाँव के लोग हैं, कम पढ़े-लिखे हैं। इस वजह से उन्हें जानकारी नहीं मिल पाई और पंचायत सचिव के कहने पर वे राहुल गांधी के कार्यक्रम में गए और जो भी उनसे कहा गया, कह दिया। लेकिन, बाद में पता चला कि उनके परिवार के सभी सदस्यों के नाम वोटर लिस्ट में मौजूद हैं।
रंजू देवी कहती हैं कि उन्हें बताया गया कि उनका नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है। इसके बाद उन्होंने जाकर राहुल गांधी को यह बात बताई। कुछ लोगों ने उन्हें यह बात राहुल गांधी को बताने के लिए मनाया, लेकिन अब पता चला है कि उनके पूरे परिवार के नाम वोटर लिस्ट में मौजूद हैं।
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SIR के बारे में सब कुछ जानें(क्या है SIR??)
SIR यानी ” स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन” चुनाव आयोग की वह प्रक्रिया है जिसमें मतदाता सूची की जाँच और सुधार किया जाता है। इसमें मृत व्यक्तियों, दूसरे क्षेत्र में चले गए लोगों और फ़र्ज़ी मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं, जबकि 18 वर्ष से अधिक आयु के नए युवाओं के नाम जोड़े जाते हैं और जिनका नाम या पता गलत होता है उन्हें ठीक किया जाता है। यह प्रक्रिया बिहार में विवाद का कारण बन गई है क्योंकि रिपोर्टों के अनुसार, लगभग 65 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं। विपक्ष का आरोप है कि यह “वोट की चोरी” है और आम लोगों के नाम जानबूझकर हटाए जा रहे हैं, जबकि सरकार और भाजपा का कहना है कि यह कदम इसलिए ज़रूरी है ताकि फ़र्ज़ी मतदाता और अवैध प्रवासी चुनाव में भाग न ले सकें। चुनाव आयोग का कहना है कि यह केवल मतदाता सूची को साफ़ करने और उसे सही व अद्यतन रखने की एक प्रक्रिया है, लेकिन राजनीतिक दलों के आरोप-प्रत्यारोपों ने इसे बड़ा मुद्दा बना दिया है।
राहुल गांधी की वोट अधिकार यात्रा के बारे में सब कुछ जानें|
राहुल गांधी की वोट अधिकार यात्रा, बिहार से शुरू हुई एक राजनीतिक यात्रा है। इस यात्रा का उद्देश्य लोगों को यह बताना है कि उनके वोट के अधिकार की रक्षा होनी चाहिए। हाल ही में बिहार में लाखों लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाने की खबर आई थी, जिसे विपक्ष ने “वोट चोरी” बताया था। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने इसी के विरोध में यह यात्रा शुरू की है।
इस यात्रा में वे जगह-जगह जाकर लोगों से मिल रहे हैं, रैलियाँ कर रहे हैं और समझा रहे हैं कि अगर वोटर लिस्ट से नाम गायब हुआ तो लोकतंत्र कमज़ोर होगा। राहुल गांधी का कहना है कि भाजपा और सरकार चुनाव आयोग पर लोगों के नाम हटाने का दबाव बना रही है ताकि विपक्ष के वोट कम हो जाएँ। इसीलिए उन्होंने इसे “वोट अधिकार बचाओ यात्रा” का रूप दिया है।
आसान शब्दों में कहें तो यह यात्रा लोगों को अपना वोट बचाने और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए जागरूक करने का अभियान है।

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