AIFF सुपर कप 2025-26 के ग्रुप D के आखिरी मुकाबले में मुंबई सिटी FC ने केरला ब्लास्टर्स को 1-0 से हराकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। यह मुकाबला जितना रोमांचक था, उतना ही नाटकीय भी — खासकर जब मैच के आखिरी मिनटों में केरला के खिलाड़ी फ्रेडी के ओन गोल ने पूरी कहानी पलट दी।
केरला ब्लास्टर्स के लिए यह मैच “करो या मरो” था — लेकिन एक गलती ने उनके सेमीफाइनल के सपनों पर पानी फेर दिया।

मैच से पहले की स्थिति: कौन जाएगा सेमीफाइनल में?
ग्रुप D में स्थिति बहुत पेचीदा थी —
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अगर केरला ब्लास्टर्स जीतते या ड्रॉ करते, तो वे सेमीफाइनल में पहुंच जाते।
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लेकिन मुंबई सिटी FC को किसी भी हाल में जीत की जरूरत थी।
इसलिए दोनों टीमों के लिए यह मैच नॉकआउट जैसा था। पंडित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में दर्शक भी जानते थे कि यह सिर्फ फुटबॉल मैच नहीं, बल्कि सुपर कप का क्वार्टरफाइनल जैसा फाइनल मुकाबला है।
पहला हाफ: सावधानी भरा लेकिन टेंशन से भरा खेल
मैच की शुरुआत में मुंबई सिटी ने तेजी से अटैक करने की कोशिश की। पहले कुछ मिनटों में ही जॉर्ज ऑर्टिज़ और चांग्ते ने केरला की डिफेंस पर दबाव बनाया। लेकिन केरला के गोलकीपर नोआ फर्नांडिस ने शानदार बचाव किए।
14वें मिनट में मुंबई को एक फ्री-किक का मौका मिला, लेकिन उनका प्लान फेल हो गया।
21वें मिनट में केरला ने पलटवार किया, जब नोआ और ओबिएटा के बीच शानदार पासिंग ने लगभग गोल करा दिया था। लेकिन तिरी की समय रहते की गई क्लीयरेंस ने मुंबई को बचा लिया।
29वें मिनट में केरला के डिफेंडर संदीप सिंह को ज़ोरदार टैकल के कारण पहला पीला कार्ड मिला।
इसके बाद भी केरला ने खेल में नियंत्रण बनाए रखा।
हालांकि 24वें मिनट में जॉर्ज ऑर्टिज़ के लॉन्ग शॉट ने सबको चौका दिया। गेंद बार से टकराकर वापस आई — और मुंबई गोल करने से बस कुछ इंच दूर रह गई।
45+ मिनट: केरला के लिए मुसीबत की शुरुआत
पहले हाफ के आखिरी मिनटों में माहौल गर्म हो गया।
48वें मिनट में, संदीप सिंह को दूसरा पीला कार्ड मिला, और वह रेड कार्ड के साथ मैदान से बाहर हो गए।
अब केरला ब्लास्टर्स 10 खिलाड़ियों के साथ रह गई।
यह मोड़ मैच का निर्णायक साबित हुआ, क्योंकि अब मुंबई को पूरे 45 मिनट एक खिलाड़ी ज़्यादा के साथ खेलने का फायदा मिलने वाला था।
हाफ टाइम स्कोर: मुंबई सिटी FC 0-0 केरला ब्लास्टर्स
दूसरा हाफ: संघर्ष, बचाव और किस्मत की करवट
दूसरे हाफ की शुरुआत मुंबई के दबाव से हुई।
54वें मिनट में चांग्ते का शॉट केरला के गोलकीपर नोआ ने शानदार तरीके से रोक लिया।
58वें मिनट में केरला ने भी एक मौका बनाया, लेकिन लाचेनपा ने बेहतरीन सेव किया।
हालांकि 60वें मिनट तक आते-आते यह साफ हो गया कि केरला ब्लास्टर्स 10 खिलाड़ियों के बावजूद डिफेंस में मज़बूत खेल रही है।
65वें मिनट में मुंबई सिटी के पास बॉल पज़ेशन था, लेकिन गोल करने की धार नहीं दिखी।
70वें मिनट में भी मुंबई की टीम केवल एक शॉट ऑन टारगेट तक सीमित थी।
लोग कह रहे थे — “क्या मुंबई अपनी बढ़त का फायदा उठा पाएगी या केरला डिफेंस से जीत जाएगी?”
83वें मिनट तक स्कोर 0-0 — केरला का सपना जिंदा
83वें मिनट तक स्थिति वैसी ही थी जैसी केरला चाहती थी।
अगर मैच ड्रॉ रहता, तो केरला सीधे सेमीफाइनल में पहुंच जाती।
लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
88वां मिनट: फ्रीडी का आत्मघाती गोल और केरला का सपना चकनाचूर
88वें मिनट में मुंबई के खिलाड़ी जॉर्ज पेरेरा डियाज़ ने एक साधारण सा क्रॉस बॉक्स में डाला।
गोलकीपर नोआ ने सोचा कि डिफेंडर संभाल लेंगे।
फ्रेडी और साहिफ़ दोनों गेंद की ओर बढ़े, लेकिन कम्युनिकेशन गैप के कारण गेंद दोनों से टकराकर गोलपोस्ट के अंदर चली गई।
यह ओन गोल (Self Goal) था — और यह ही मैच का एकमात्र गोल साबित हुआ!

पूरा स्टेडियम उछल पड़ा।
मुंबई सिटी FC 1-0 केरला ब्लास्टर्स FC
कोच डेविड कटाला ने गुस्से में पानी की बोतल फेंक दी।
केरला के खिलाड़ियों के चेहरे पर निराशा साफ झलक रही थी।
90+7 मिनट: आखिरी सांस तक संघर्ष
MCFC vs KBFC Highlights: मुंबई सिटी की रोमांचक जीत से सेमीफाइनल में जगह पक्की!
मैच के रेफरी ने 7 मिनट का अतिरिक्त समय जोड़ा।
केरला ने पूरी ताकत झोंक दी — हर पास, हर क्रॉस में उम्मीद थी।
लेकिन मुंबई की डिफेंस, खासकर तिरी और माक्विन्होस, ने डटकर मुकाबला किया।
लाचेनपा ने भी आखिरी मिनटों में बेहतरीन सेव किए।
आखिरकार, फुल टाइम व्हिसल बजी —
फाइनल स्कोर: मुंबई सिटी FC 1-0 केरला ब्लास्टर्स FC
मैच का सारांश (Match Summary)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| टूर्नामेंट | AIFF Super Cup 2025-26 |
| ग्रुप | D |
| मैच | मुंबई सिटी FC बनाम केरला ब्लास्टर्स FC |
| परिणाम | मुंबई सिटी FC 1-0 केरला ब्लास्टर्स FC |
| गोल स्कोरर | फ्रेडी (88’, ओन गोल) |
| रेड कार्ड | संदीप सिंह (KBFC) – 48’ |
| पीले कार्ड | संदीप सिंह, कोरू सिंह, तुलुंगा |
| स्थान | पंडित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, गोवा |
| किक ऑफ टाइम | 7:30 PM IST |
| दर्शक संख्या | लगभग 18,000 |
क्यों खास रहा यह मैच?
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ओन गोल का ड्रामा:
ऐसे मैचों में जब सब कुछ दांव पर होता है, एक ओन गोल पूरी कहानी बदल देता है। यही हुआ केरला ब्लास्टर्स के साथ। -
रेड कार्ड का असर:
केरला के संदीप सिंह के बाहर जाने से टीम की रणनीति पूरी तरह गड़बड़ा गई। -
मुंबई का संयम:
पूरे मैच में भले ही मुंबई सिटी ने ज्यादा मौके न बनाए हों, लेकिन उन्होंने आखिरी तक विश्वास बनाए रखा। -
लाचेनपा का कमाल:
मुंबई के गोलकीपर ने कई अहम मौके पर टीम को बचाया, खासकर पहले हाफ में।
फैंस की प्रतिक्रिया (Fan Reactions)
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“88वें मिनट का ओन गोल देखकर दिल टूट गया ” – केरला फैन
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“मुंबई सिटी कभी हार नहीं मानती! ” – मुंबई सिटी सपोर्टर
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“फुटबॉल में कुछ भी हो सकता है, और आज हमने वो देखा।” – स्पोर्ट्स एनालिस्ट
मुंबई सिटी की आगे की राह: सेमीफाइनल में मुकाबला किससे?
मुंबई सिटी FC अब सेमीफाइनल में पहुंच चुकी है, जहां उनका मुकाबला ग्रुप B की विजेता टीम से होगा।
अगर सब कुछ उम्मीद के मुताबिक चला, तो वे मोहन बागान या हैदराबाद FC जैसी बड़ी टीम से भिड़ सकते हैं।
कोच डेस बकिंघम ने मैच के बाद कहा:
“हमने धैर्य बनाए रखा और यही हमारी जीत की कुंजी थी। टीम ने दबाव में अच्छा खेल दिखाया।”

केरला ब्लास्टर्स के लिए आगे क्या?
केरला ब्लास्टर्स को इस हार से गहरा झटका लगा है।
टीम ने ग्रुप स्टेज में अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन आखिरी मैच में एक गलती सब पर भारी पड़ी।
कोच डेविड कटाला ने कहा:
“टीम ने दिल से खेला, लेकिन कभी-कभी फुटबॉल में किस्मत भी अहम होती है।”
मैच का विश्लेषण (Tactical Breakdown)
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मुंबई सिटी की रणनीति:
उन्होंने 4-3-3 फॉर्मेशन अपनाई, जिसमें जॉर्ज ऑर्टिज़ और डियाज़ को विंग पर आजादी दी गई।
हालांकि गोल नहीं बना सके, लेकिन दबाव बनाए रखा। -
केरला ब्लास्टर्स की रणनीति:
4-2-3-1 फॉर्मेशन के साथ उतरे, पर रेड कार्ड के बाद 4-4-1 में बदलना पड़ा।
उनकी डिफेंस मजबूत रही, लेकिन थकान आखिरकार दिखी। -
क्लीनिक फिनिशिंग की कमी:
दोनों टीमों के पास गोल के मौके थे, लेकिन फिनिशिंग कमजोर रही।
निष्कर्ष (Conclusion)
AIFF Super Cup 2025-26 के इस मुकाबले ने साबित किया कि फुटबॉल सिर्फ ताकत का नहीं, बल्कि धैर्य और भाग्य का भी खेल है।
केरला ब्लास्टर्स ने जज्बे से खेला, लेकिन एक छोटी सी गलती ने सब कुछ बदल दिया।
वहीं, मुंबई सिटी FC ने दिखाया कि कभी हार मत मानो का जज़्बा ही उन्हें भारतीय फुटबॉल की सबसे खतरनाक टीम बनाता है।
अब सभी की निगाहें सेमीफाइनल पर होंगी —
क्या मुंबई सिटी FC अपनी जीत का सिलसिला जारी रखेगी या कोई नई टीम चमत्कार करेगी?
