Lenskart IPO: CEO Peyush Bansal बोले – “हमने वैल्यूएशन नहीं, विज़न बनाया है

Lenskart IPO: CEO Peyush Bansal बोले – “हमने वैल्यूएशन नहीं, विज़न बनाया है

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भारत की प्रमुख आईवियर कंपनी Lenskart ने शेयर बाज़ार में अपनी शानदार एंट्री की है। हालांकि कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग उम्मीद के मुताबिक मजबूत नहीं रही, लेकिन इसके CEO पियूष बंसल (Peyush Bansal) ने साफ़ कहा कि “Lenskart सिर्फ वैल्यूएशन के लिए नहीं बनी, बल्कि भारत की आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए बनी है।”

“हमने वैल्यूएशन नहीं, विज़न बनाया है” – Peyush Bansal

लिस्टिंग समारोह के दौरान पियूष बंसल ने कहा –

“हमने Lenskart को वैल्यूएशन के लिए नहीं बनाया, बल्कि इसलिए बनाया ताकि भारत के हर व्यक्ति को साफ़ दृष्टि मिल सके।”

उन्होंने यह भी बताया कि उनके लिए असली सफलता कंपनी की लंबी अवधि की ग्रोथ और समाज पर असर है, न कि शेयर प्राइस या मार्केट वैल्यूएशन।

IPO को मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स

Lenskart का Initial Public Offering (IPO) 31 अक्टूबर से 4 नवंबर 2025 तक खुला रहा और इसे निवेशकों से 28.26 गुना ज़्यादा सब्सक्रिप्शन मिला। इसमें Qualified Institutional Buyers (QIBs) और Non-Institutional Investors (NIIs) का खासा योगदान रहा।

  • 💰 कुल साइज: ₹7,278 करोड़

  • 💸 प्राइस बैंड: ₹382 – ₹402 प्रति शेयर

  • 💼 फ्रेश इश्यू: ₹2,150 करोड़

  • 📉 OFS (Offer for Sale): 12.75 करोड़ शेयर

लिस्टिंग डे पर शेयरों की कमजोर शुरुआत

हालांकि निवेशकों के उत्साह के बावजूद, लिस्टिंग के दिन Lenskart के शेयरों की शुरुआत थोड़ी कमजोर रही।

  • 📍 BSE पर ओपनिंग: ₹390 (3% डिस्काउंट)

  • 📍 NSE पर ओपनिंग: ₹395 (1.74% डिस्काउंट)

  • 📉 लो प्राइस: ₹355.70 तक गिरावट

  • 📈 रिकवरी के बाद ट्रेडिंग: ₹404 (0.5% ऊपर)

इस दौरान कंपनी की मार्केट वैल्यूएशन ₹69,091.21 करोड़ रही।

Lenskart की विकास यात्रा

  • 🕶️ स्थापना वर्ष: 2008

  • 🌐 ऑनलाइन लॉन्च: 2010

  • 🏬 पहली फिजिकल स्टोर: 2013 (नई दिल्ली)

  • 🌍 उपस्थिति: भारत के मेट्रो, टियर-1 और टियर-2 शहरों में, साथ ही दक्षिण पूर्व एशिया और मध्य पूर्व के देशों में भी।

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कंपनी आज भारत की सबसे बड़ी ओमनी-चैनल आईवियर रिटेलर मानी जाती है, जो प्रिस्क्रिप्शन चश्मे, सनग्लासेस और कॉन्टैक्ट लेंस की विस्तृत रेंज प्रदान करती है।

IPO से जुटाई गई राशि का उपयोग

कंपनी ने बताया कि IPO से प्राप्त राशि का उपयोग इन उद्देश्यों के लिए किया जाएगा:

  • नए कंपनी-ओनड (CoCo) स्टोर्स खोलने के लिए पूंजीगत खर्च

  • किराया और लाइसेंस एग्रीमेंट्स के भुगतान

  • टेक्नोलॉजी और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश

  • ब्रांड मार्केटिंग और बिज़नेस प्रमोशन

  • संभावित अधिग्रहण (acquisitions) और सामान्य कॉर्पोरेट उपयोग

प्रमुख निवेशक (Pre-IPO Funding)

IPO से पहले Lenskart को कई बड़े निवेशकों से फंडिंग मिली:

  • 🏦 SBI Mutual Fund: ₹100 करोड़

  • 🏬 राधाकिशन दमानी (DMart Founder): ₹90 करोड़

CEO का विज़न – लॉन्ग टर्म ग्रोथ, न कि प्राइस

पियूष बंसल ने अपने इंटरव्यू में कहा —

“वैल्यूएशन एक खरीदार और विक्रेता के बीच की बातचीत है। हमारा काम है ग्राहकों को बेहतर अनुभव देना और लंबे समय तक भरोसेमंद ब्रांड बने रहना।”

उन्होंने यह भी कहा कि “हर पार्टनर ने हमें बड़ी सोचने और लंबे विज़न के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है। यह किसी एक नंबर से ज़्यादा अहम है।”

निष्कर्ष (Conclusion):

Lenskart का IPO भारतीय शेयर बाजार में एक बड़ा कदम है। भले ही शुरुआत थोड़ी कमजोर रही हो, लेकिन कंपनी के CEO पियूष बंसल का साफ़ संदेश है —
“कंपनी का असली लक्ष्य भारत की नज़रें सुधारना है, न कि मार्केट वैल्यूएशन बढ़ाना।”

उनकी यह सोच दर्शाती है कि Lenskart सिर्फ एक बिज़नेस नहीं बल्कि एक सामाजिक मिशन है जो आने वाले वर्षों में और भी मज़बूत होता जाएगा।

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