करवा चौथ 2025: कब है तिथि-शुभ मुहूर्त और पूजा का सही समय?

करवा चौथ 2025: कब है तिथि-शुभ मुहूर्त और पूजा का सही समय?

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करवा चौथ 2025: कब है तिथि-शुभ मुहूर्त और पूजा का सही समय?

करवा चौथ 2025: कब है तिथि-शुभ मुहूर्त और पूजा का सही समय?

भारत में पति-पत्नी के रिश्ते को और मजबूत बनाने वाले त्योहारों में से एक है करवा चौथ। इस दिन विवाहित महिलाएँ दिनभर निर्जला उपवास रखती हैं और रात को चाँद देखकर पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। आधुनिक समय में भी यह त्योहार उतना ही लोकप्रिय है जितना प्राचीन काल में था। आज हम विस्तार से जानेंगे कि करवा चौथ 2025 कब है, शुभ मुहूर्त क्या है और पूजा का सही तरीका कौन-सा है।

करवा चौथ 2025 की तिथि और दिन

करवा चौथ हर साल कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है।

  • वर्ष 2025 में यह पर्व गुरुवार, 9 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा।
  • यह तिथि विशेष रूप से उत्तरी भारत की महिलाओं के बीच बेहद लोकप्रिय है।

करवा चौथ का महत्व

  1. करवा चौथ का अर्थ है करवा (मिट्टी का घड़ा) और चौथ (चतुर्थी तिथि)
  2. यह दिन पति-पत्नी के रिश्ते की पवित्रता, विश्वास और समर्पण का प्रतीक है।
  3. मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से पति की आयु लंबी होती है और दांपत्य जीवन में खुशियाँ आती हैं।
  4. चंद्रमा को आयु और समृद्धि का कारक माना गया है, इसलिए व्रती महिलाएँ रात को चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत पूरा करती हैं।

करवा चौथ 2025 शुभ मुहूर्त

करवा चौथ 2025: कब है तिथि-शुभ मुहूर्त और पूजा का सही समय?

शास्त्रों के अनुसार पूजा और व्रत का शुभ फल तभी मिलता है जब उसे सही समय पर किया जाए।

  • चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 9 अक्टूबर 2025, सुबह 03:14 बजे
  • चतुर्थी तिथि समाप्त: 10 अक्टूबर 2025, सुबह 01:45 बजे

पूजा का शुभ मुहूर्त

  • संध्या पूजा का समय: शाम 05:56 बजे से 07:10 बजे तक
  • चंद्र दर्शन का समय: रात लगभग 08:37 बजे (स्थानानुसार समय में अंतर हो सकता है)

करवा चौथ व्रत की कथा

करवा चौथ की पूजा कथा सुनना और सुनाना अनिवार्य माना गया है। सबसे प्रसिद्ध कथा सावित्री और सत्यवान की है।

  • कथा के अनुसार, सावित्री ने अपने पति सत्यवान को मृत्यु से बचाने के लिए यमराज से प्रार्थना की।
  • उनके अटूट प्रेम और समर्पण को देखकर यमराज ने सत्यवान को जीवनदान दिया।
  • तभी से यह व्रत पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए किया जाने लगा।

इसके अलावा भी करवा चौथ से जुड़ी कई पौराणिक कथाएँ प्रचलित हैं, जैसे वेणुति की कथा, वीरावती की कथा आदि।

करवा चौथ व्रत विधि (पूजा का तरीका)

करवा चौथ का व्रत करने के लिए पारंपरिक विधि का पालन करना बहुत जरूरी है।

व्रत की शुरुआत (सुबह सरगी से)

  1. विवाहित महिला सूर्योदय से पहले सरगी (सास द्वारा दिया गया आहार) ग्रहण करती है।
  2. सरगी में फल, मिठाई, मेवे और जल शामिल होते हैं।
  3. सरगी खाने के बाद दिनभर निर्जला उपवास रखा जाता है।

दिनभर की प्रक्रिया

  • व्रती महिला दिनभर जल तक ग्रहण नहीं करती।
  • दोपहर या शाम को महिलाएँ मिलकर करवा चौथ की कथा सुनती हैं।
  • करवे (मिट्टी के घड़े) और दीपक के साथ पूजा की जाती है।

पूजा विधि

  1. शाम को स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें।
  2. घर के आँगन या मंदिर में चौकी पर माँ पार्वती, भगवान शिव, गणेश जी और कार्तिकेय की प्रतिमा स्थापित करें।
  3. करवे (जल से भरे घड़े) पर ढक्कन रखकर उसमें सुपारी, चावल और ढक्कन पर दीपक रखें।
  4. पारंपरिक कथा सुनें और करवा चौथ की आरती करें।

व्रत खोलना

  • चंद्रमा उदय होने पर छलनी से चाँद और फिर पति का दर्शन करें।
  • पति के हाथ से जल ग्रहण कर व्रत तोड़ें।
  • पति पत्नी को उपहार और आशीर्वाद देते हैं।

करवा चौथ की परंपराएँ

  1. सास-बहू का रिश्ता – सरगी की परंपरा इस रिश्ते को और मधुर बनाती है।
  2. सोलह श्रृंगार – व्रती महिलाएँ इस दिन विशेष श्रृंगार करती हैं।
  3. सखी-संगत – महिलाएँ समूह में बैठकर गीत गाती हैं और पूजा करती हैं।

करवा चौथ 2025: पति-पत्नी का उत्सव

आधुनिक समय में करवा चौथ सिर्फ महिलाओं तक सीमित नहीं रहा है। कई जगह पुरुष भी उपवास रखते हैं और अपनी पत्नी की लंबी उम्र की कामना करते हैं। सोशल मीडिया और फिल्मों के कारण इसकी लोकप्रियता और भी बढ़ी है।

सावधानियाँ

  1. व्रत के दौरान स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
  2. कमजोर स्वास्थ्य वाली महिलाएँ चिकित्सक की सलाह लें।
  3. पूजा-पाठ पूरी श्रद्धा और नियम से करें।

निष्कर्ष

करवा चौथ 2025 का पर्व 9 अक्टूबर को मनाया जाएगा। यह दिन पति-पत्नी के रिश्ते में प्रेम, विश्वास और आत्मीयता बढ़ाने वाला है। सही विधि, शुभ मुहूर्त और पूरी आस्था से किया गया व्रत दांपत्य जीवन को सुखमय और समृद्ध बनाता है।

FAQ

प्रश्न 1: करवा चौथ 2025 कब है?
उत्तर: करवा चौथ 2025, गुरुवार 9 अक्टूबर को है।

प्रश्न 2: करवा चौथ का चंद्रोदय समय क्या होगा?
उत्तर: रात लगभग 08:37 बजे (स्थान अनुसार थोड़ा भिन्न हो सकता है)।

प्रश्न 3: सरगी क्या होती है?
उत्तर: सरगी सास द्वारा दी गई थाली होती है, जिसे व्रती महिला सूर्योदय से पहले खाती है।

प्रश्न 4: करवा चौथ का मुख्य महत्व क्या है?
उत्तर: पति की लंबी उम्र और दांपत्य जीवन की खुशहाली के लिए यह व्रत रखा जाता है।

प्रश्न 5: करवा चौथ की पूजा कैसे की जाती है?
उत्तर: शाम को माता पार्वती और चंद्रमा की पूजा कर कथा सुनते हैं और चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत पूरा करते हैं।

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