आज का दिन नेपाली क्रिकेट के लिए बेहद अहम है। आईसीसी वर्ल्ड कप क्रिकेट लीग-2 के तहत नेपाल और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच आज मुकाबला खेला जा रहा है। यह मैच दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में नेपाली समयानुसार सुबह 11:15 बजे से शुरू हुआ है। यह इस श्रृंखला का आखिरी मैच है, जिसमें अमेरिका, नेपाल और यूएई की टीमें शामिल थीं।
यह मैच सिर्फ अंक तालिका के लिए नहीं, बल्कि आत्मविश्वास वापस पाने के लिए भी अहम माना जा रहा है। हाल के प्रदर्शन से टीम नेपाल का आत्मविश्वास डगमगा गया है। तीन लगातार हारों ने टीम के मनोबल को झकझोर दिया है, और अब घरेलू टीम यूएई के खिलाफ जीत जरूरी हो गई है।

पिछले दो साल का सफर: ऊँचाइयों से गिरावट तक
साल 2023 में जब नेपाल ने आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग-2 में 12 में से 11 मैच जीतकर तीसरा स्थान हासिल किया था, तब पूरा देश गर्व से झूम उठा था। उस प्रदर्शन से नेपाल ने न सिर्फ अपना वनडे (ODI) स्टेटस चार साल के लिए सुरक्षित किया था बल्कि वर्ल्ड कप क्वालिफायर में भी जगह बनाई थी।
लेकिन दो साल बाद हालात पूरी तरह बदल गए हैं। टीम अब संघर्ष के दौर में है। लगातार हार के चलते न सिर्फ अंक तालिका में स्थिति कमजोर हुई है, बल्कि खिलाड़ियों का आत्मविश्वास भी टूटता दिख रहा है।
अंक तालिका में स्थिति
नई लीग-2 साइकिल (2023–2026) में नेपाल ने अब तक 19 मैचों में सिर्फ 5 जीते हैं, 12 हारे हैं और 2 मैच बिना नतीजे के रहे हैं। नेपाल के अब तक 12 अंक हैं और वह सातवें स्थान पर है।
तालिका में अमेरिका पहले स्थान पर है (36 अंक), स्कॉटलैंड दूसरे (30 अंक) और नीदरलैंड्स तीसरे (28 अंक) पर। नेपाल से ऊपर ओमान, कनाडा और नामीबिया हैं, जबकि नीचे सिर्फ यूएई (8 अंक) है।
इस स्थिति से साफ है कि नेपाल के लिए वर्ल्ड कप क्वालिफायर तक पहुँचना कठिन हो गया है। साथ ही, टीम का ODI स्टेटस बचाए रखना भी चुनौती बन गया है।
खिलाड़ियों का प्रदर्शन: निराशाजनक आंकड़े
ICC World Cup Cricket League-2: नेपाल बनाम यूएई आज का मुकाबला – आत्मविश्वास लौटाने की जंग
नेपाल के कप्तान रोहित कुमार पौडेल ने इस साइकिल में सबसे ज्यादा 18 पारियाँ खेली हैं और 429 रन बनाए हैं, लेकिन उनका औसत सिर्फ 26.81 है। यह एक ODI बल्लेबाज के लिए कमजोर आँकड़ा माना जाता है।
वहीं आरीफ शेख ने 433 रन बनाए हैं, जिसमें तीन अर्धशतक शामिल हैं, और उनका औसत 36.08 है। पर अगर तुलना करें स्कॉटलैंड के जॉर्ज मुन्सी (1,037 रन) और अमेरिका के मिलिंद कुमार (1,016 रन) से, तो नेपाल के बल्लेबाज बहुत पीछे नजर आते हैं।
मध्यक्रम के खिलाड़ी जैसे आसिफ शेख, भीम सरकार, दिपेंद्र सिंह एरी, गुलशन झा और कुशल भुर्तेल भी निरंतरता नहीं दिखा पाए हैं।

गेंदबाजी में गिरावट
टीम के स्टार स्पिनर संदीप लामिछाने, जो दो साल पहले ‘मैच विनर’ माने जाते थे, अब अपने पुराने फॉर्म में नहीं हैं। उन्होंने 128 ओवर में 22 विकेट लिए हैं, लेकिन 633 रन भी दिए हैं। उनका औसत 28.77 है, जबकि अच्छे ODI गेंदबाज का औसत 20 से नीचे होता है।
तेज गेंदबाज सोमपाल कामी और करण केसी भी फॉर्म में नहीं हैं। टीम अब ‘पार्ट-टाइम गेंदबाजों’ जैसे कुशल भुर्तेल, गुलशन झा, दिपेंद्र एरी और रोहित पौडेल पर निर्भर है, जो टीम की कमजोरी को और उजागर करता है।
पूर्व गेंदबाज संजम रेग्मी कहते हैं,
“जब बल्लेबाज को गेंदबाजी करनी पड़ती है और गेंदबाज को बल्लेबाजी, तो दोनों में प्रदर्शन गिरता है। हर खिलाड़ी को अपनी भूमिका स्पष्ट होनी चाहिए।”
आत्मविश्वास की कमी और लगातार हार
नेपाल ने 2024 में नीदरलैंड को नौ विकेट से हराकर शानदार शुरुआत की थी, लेकिन इसके बाद टीम को नामीबिया, ओमान, कनाडा और अमेरिका जैसी टीमों के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।
हालांकि स्कॉटलैंड और नीदरलैंड को हराकर नेपाल ने कुछ उम्मीदें जगाईं, लेकिन जून 2025 के बाद से टीम का प्रदर्शन लगातार गिरा है। अब स्थिति यह है कि टीम को न सिर्फ जीत बल्कि आत्मविश्वास की भी सख्त जरूरत है।
आगे का रास्ता कठिन लेकिन संभव
नेपाल का लक्ष्य अब भी वही है — लीग-2 में वापसी करना और वर्ल्ड कप क्वालिफायर में पहुँचना। लेकिन यह आसान नहीं होगा।
यदि नेपाल लीग-2 की शीर्ष चार टीमों में आता है, तो वह सीधे वर्ल्ड कप क्वालिफायर के लिए क्वालीफाई करेगा। यदि नहीं, तो उसे ‘प्ले-ऑफ’ खेलना होगा जहाँ लीग-2 की निचली चार टीमें और ‘चैलेंज लीग’ की शीर्ष चार टीमें मुकाबला करेंगी।
ODI स्टेटस बचाने के लिए नेपाल को ‘बॉटम टू’ से बाहर आना जरूरी है। अभी नेपाल सातवें स्थान पर है, यानी खतरा मंडरा रहा है।
क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ नेपाल (CAN) के मैनेजर और पूर्व खिलाड़ी बिनोद दास कहते हैं,
“यदि नेपाल निचले दो में रहता है, तो न केवल अंक गंवाने का खतरा है बल्कि ODI स्टेटस भी खतरे में पड़ जाएगा। यह स्थिति चिंताजनक है।”
घरेलू श्रृंखला से उम्मीदें
अगले साल नेपाल अपने घरेलू मैदान पर लीग-2 की त्रिकोणीय श्रृंखला खेलेगा, जिसमें लगभग आठ मैच होंगे। बिनोद दास का मानना है कि घरेलू दर्शकों का समर्थन टीम को आत्मविश्वास दे सकता है।
हालांकि पिछले घरेलू प्रदर्शन को देखकर उम्मीदें कम हैं। नामीबिया और नीदरलैंड के खिलाफ नेपाल को चार और आठ विकेट से हार झेलनी पड़ी थी।
फिर भी, नेपाल की पहचान हमेशा एक “फाइटर टीम” की रही है। यह वही समय है जब टीम को उस पहचान को फिर से साबित करना होगा।

निष्कर्ष: जीत ही आत्मविश्वास की कुंजी
नेपाल के पास अब हार का विकल्प नहीं है। अगर टीम आज यूएई के खिलाफ जीत दर्ज करती है, तो न सिर्फ अंक तालिका में स्थिति सुधरेगी, बल्कि खिलाड़ियों के अंदर खोया हुआ आत्मविश्वास भी लौटेगा।
क्रिकेट में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन असली टीम वही होती है जो मुश्किल हालात में खुद को साबित करे। नेपाल के लिए आज का मुकाबला सिर्फ एक मैच नहीं — यह आत्मसम्मान और भरोसे की लड़ाई है।
अब देखना यह है कि क्या नेपाल आज एक बार फिर ‘फाइटर’ टीम की तरह वापसी कर पाता है या नहीं।

[…] ICC World Cup Cricket League-2: नेपाल बनाम यूएई आज का मुका… […]
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