दुर्गा पूजा भारत के सबसे बड़े और आस्था से जुड़े पर्वों में से एक है। यह न सिर्फ बंगाल, असम, ओडिशा या बिहार में बल्कि पूरे देश और विदेशों में बड़ी श्रद्धा और उल्लास से मनाया जाता है। दुर्गा पूजा की अष्टमी तिथि को बेहद खास माना जाता है। इसे शक्ति की उपासना का चरम क्षण कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन माँ दुर्गा की पूजा करने और विशेष उपाय अपनाने से मनोकामनाएँ पूरी होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
साल 2025 में अष्टमी का दिन हर भक्त के लिए खास होगा। आइए जानते हैं कि इस दिन कौन-कौन से आसान उपाय किए जा सकते हैं जिससे माँ दुर्गा की कृपा हमेशा बनी रहे।

अष्टमी का महत्व
अष्टमी को महाष्टमी भी कहा जाता है। शास्त्रों के अनुसार, इसी दिन माँ दुर्गा ने महिषासुर जैसे राक्षस का वध कर धर्म और सत्य की रक्षा की थी। इसीलिए इस दिन शक्ति की उपासना का विशेष महत्व है।
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अष्टमी के दिन श्रद्धालु कन्या पूजन करते हैं।
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लोग व्रत रखते हैं और माँ दुर्गा के आठ स्वरूपों की आराधना करते हैं।
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इस दिन का विशेष पूजन नकारात्मक शक्तियों से रक्षा करता है।
अष्टमी पर करने योग्य सरल उपाय
1. कन्या पूजन
अष्टमी का सबसे बड़ा और प्रमुख अनुष्ठान है कन्या पूजन।
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9 छोटी कन्याओं और एक कुमार (लड़का) को घर बुलाकर उनके पैर धोए जाते हैं।
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उन्हें भोजन कराकर दक्षिणा और उपहार दिया जाता है।
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माना जाता है कि कन्याओं में माँ दुर्गा का ही रूप विद्यमान होता है।
यह उपाय करने से घर में कभी धन, अनाज और सुख-समृद्धि की कमी नहीं होती।
2. दीपक जलाना
अष्टमी के दिन सुबह और शाम को सरसों के तेल या घी का दीपक माँ दुर्गा की मूर्ति या चित्र के सामने जलाएँ।
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इससे घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
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परिवार में शांति और सौहार्द बना रहता है।
3. दुर्गा सप्तशती का पाठ
अष्टमी पर दुर्गा सप्तशती या देवी महात्म्य का पाठ करने से विशेष पुण्य मिलता है।
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यदि पूरे पाठ का समय न हो तो “अथ नवचंडी पाठ” या “दुर्गा चालीसा” का पाठ किया जा सकता है।
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नियमित पाठ से मन को शांति और आत्मबल प्राप्त होता है।
4. लाल वस्त्र अर्पित करना
माँ दुर्गा को लाल रंग बहुत प्रिय है।
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अष्टमी के दिन माँ को लाल चुनरी, लाल फूल या लाल वस्त्र अर्पित करें।
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इससे वैवाहिक जीवन में प्रेम बढ़ता है और संतान सुख की प्राप्ति होती है।
5. अष्टमी व्रत और भोग
इस दिन व्रत रखना भी विशेष फलदायी माना गया है।
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सुबह स्नान कर संकल्प लें।
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माँ दुर्गा को खीर, पूड़ी और हलवे का भोग लगाएँ।
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भोग के बाद उसे परिवार और जरूरतमंदों में बाँटें।
6. चावल और सिंदूर का उपाय
अष्टमी पर माँ को चावल और सिंदूर अर्पित करें।
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यह उपाय विशेष रूप से दांपत्य जीवन में मिठास लाने वाला माना जाता है।
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जो लोग विवाह में विलंब का सामना कर रहे हैं, उनके लिए भी यह लाभकारी है।
7. जल अर्पण
अष्टमी के दिन माँ दुर्गा को शुद्ध जल अर्पित करें।
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यह जल गंगा जल हो तो सबसे उत्तम है।
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इससे घर में पवित्रता और सकारात्मकता बनी रहती है।
8. जरूरतमंदों को दान
माँ दुर्गा दया और करुणा की प्रतीक हैं।
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अष्टमी पर गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या पैसे दान करें।
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यह उपाय आपके जीवन से दरिद्रता को दूर करता है।
अष्टमी पर ध्यान रखने योग्य बातें
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इस दिन झूठ बोलने से बचें।
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मांस-मदिरा का सेवन न करें।
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किसी भी कन्या या स्त्री का अपमान न करें।
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मन और घर दोनों को स्वच्छ रखें।
2025 में अष्टमी का महत्व और संदेश
साल 2025 में अष्टमी केवल पूजा का दिन नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और आत्मशक्ति को जगाने का अवसर भी है। इस दिन जब हम माँ दुर्गा की उपासना करते हैं, तो उनके साहस और धैर्य को भी अपने जीवन में उतारने का संकल्प लेते हैं।
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यह दिन हमें सिखाता है कि अच्छाई हमेशा बुराई पर जीतती है।
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विश्वास और भक्ति से हर मुश्किल आसान हो सकती है।
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माँ दुर्गा की पूजा करने से मनुष्य में आत्मबल और साहस का संचार होता है।
निष्कर्ष
अष्टमी का दिन माँ दुर्गा की उपासना का श्रेष्ठ समय है। इस दिन यदि श्रद्धा और भक्ति से कन्या पूजन, व्रत, दान और भोग जैसे उपाय किए जाएँ, तो जीवन की कई परेशानियाँ दूर हो जाती हैं। साल 2025 की अष्टमी हर भक्त के लिए नई आशा, शक्ति और सुख-समृद्धि लेकर आए— यही माँ से प्रार्थना है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
Q1. अष्टमी 2025 कब है?
👉 अष्टमी 2025 में दुर्गा पूजा के दौरान मनाई जाएगी, जिसे महाष्टमी भी कहते हैं। यह तिथि शक्ति की आराधना का सबसे खास दिन माना जाता है।
Q2. अष्टमी पर कौन सा सबसे महत्वपूर्ण उपाय करना चाहिए?
👉 अष्टमी पर कन्या पूजन को सबसे प्रमुख माना गया है। नौ कन्याओं और एक कुमार को भोजन कराकर माँ दुर्गा की कृपा प्राप्त की जाती है।
Q3. क्या अष्टमी पर व्रत रखना जरूरी है?
👉 हाँ, व्रत रखने से मन और शरीर पवित्र होता है। यदि पूर्ण उपवास संभव न हो तो फलाहार किया जा सकता है।
Q4. अष्टमी पर कौन सा भोग चढ़ाना शुभ है?
👉 अष्टमी पर खीर, पूड़ी और हलवे का भोग लगाना शुभ और फलदायी माना जाता है।
Q5. क्या अष्टमी पर दान करना आवश्यक है?
👉 हाँ, इस दिन जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन दान करने से माँ दुर्गा प्रसन्न होती हैं और जीवन से दरिद्रता दूर होती है।
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