किस सामान पर कितनी GST? पूरी लिस्ट देखें यहाँ

भारत में वस्तु एवं सेवा कर (GST) 1 जुलाई 2017 से लागू हुआ था। इसका मुख्य उद्देश्य था – सभी टैक्स को एक छतरी के नीचे लाना और टैक्स सिस्टम को आसान बनाना। पहले हर सामान और सेवा पर अलग-अलग टैक्स जैसे VAT, Service Tax, Excise Duty, Entry Tax आदि लगते थे, जिससे आम आदमी और व्यापारी दोनों को दिक्कत होती थी। लेकिन अब GST आने के बाद सिर्फ एक टैक्स – GST देना होता है।
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि –
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रोज़मर्रा के सामान पर कितनी GST लगती है?
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खाने-पीने के सामान, कपड़े, दवाइयों और गाड़ियों पर GST दर कितनी है?
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आखिर किन वस्तुओं पर जीरो टैक्स है और किन पर 28% तक टैक्स लगता है?
आज इस पोस्ट में हम आपको आसान भाषा में पूरी जानकारी देंगे – किस सामान पर कितनी GST लगती है, इसकी पूरी लिस्ट।
GST स्लैब क्या है?
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भारत सरकार ने GST को 4 मुख्य स्लैब में बाँटा है –
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0% GST (Zero GST) – जरूरी चीज़ें और बेसिक आइटम।
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5% GST – रोज़मर्रा की ज़रूरतों से जुड़ा सामान।
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12% GST – कुछ मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्ट और घरेलू सामान।
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18% GST – ज़्यादातर सेवाएँ और रेगुलर इस्तेमाल के सामान।
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28% GST – लग्ज़री सामान और ऐसे आइटम जिन्हें “गैर-ज़रूरी” माना गया है।
इसके अलावा कुछ वस्तुओं और सेवाओं पर अतिरिक्त सेस (Cess) भी लगता है, जैसे कि तंबाकू, पान मसाला और लग्ज़री कार।
0% GST (बिलकुल टैक्स-फ्री सामान)
0% GST उन चीज़ों पर लगाया गया है जो आम जनता की बुनियादी ज़रूरत हैं।
0% GST वाले सामान की लिस्ट:
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ताज़े फल और सब्ज़ियाँ
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दूध, दही, अंडा
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अनाज (चावल, गेहूँ, मक्का)
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आटा, बेसन
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नमक
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अख़बार और किताबें
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हैंडमेड चप्पल (₹1000 तक)
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ताज़ा मांस और मछली
👉 मतलब – रोज़मर्रा के खाने-पीने की ज़्यादातर चीज़ों पर कोई टैक्स नहीं है।
5% GST – ज़रूरी और बेसिक सामान
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5% GST उन चीज़ों पर लगता है जो रोज़मर्रा में ज़रूरी तो हैं, लेकिन इन्हें टैक्स-फ्री रखना संभव नहीं।
5% GST वाले सामान की लिस्ट:
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पैकेट वाला ब्रेड
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टी (चाय पत्ती)
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कॉफ़ी (इंस्टेंट को छोड़कर)
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चीनी (Sugar)
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मसाले (हल्दी, मिर्च पाउडर आदि)
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खाने का तेल
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LPG सिलेंडर (घरेलू)
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हैंडमेड कपड़े (₹1000 से ऊपर)
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रेल और मेट्रो टिकट
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घरेलू उड़ान (इकोनॉमी क्लास)
👉 5% GST रोज़मर्रा के खर्चों में सीधा असर डालता है।
12% GST – घरेलू सामान और पैकेज्ड प्रोडक्ट
12% GST आमतौर पर उन प्रोडक्ट पर लगता है जो प्रोसेस्ड या मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े हैं।
12% GST वाले सामान की लिस्ट:
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पैकेज्ड फूड आइटम (जैसे बिस्कुट)
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घड़ी (Watches)
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मोबाइल फोन
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गीजर, वॉशिंग मशीन (कुछ कैटेगरी)
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प्रोसेस्ड फूड
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दूध पाउडर
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मिठाई (पैक्ड)
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कपड़े (₹1000 से ऊपर वाले ब्रांडेड)
18% GST – सबसे ज़्यादा सामान इसी स्लैब में
18% GST स्लैब सबसे बड़ा है। इसमें ज़्यादातर सामान और सेवाएँ आती हैं।
18% GST वाले सामान की लिस्ट:
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टूथपेस्ट, शैम्पू, साबुन
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इलेक्ट्रॉनिक्स (टीवी, फ्रिज, कंप्यूटर)
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रेस्टोरेंट (एसी और नॉन-एसी)
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इंटरनेट सेवाएँ
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मोबाइल रिचार्ज
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बैग, जूते
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पेंट, सीमेंट
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हेल्थ इंश्योरेंस
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म्यूचुअल फंड सेवाएँ
👉 इस कैटेगरी का सीधा असर मिडिल क्लास पर पड़ता है।
28% GST – लग्ज़री और गैर-ज़रूरी सामान
28% GST उन वस्तुओं पर लगता है जिन्हें “लक्ज़री” या “गैर-ज़रूरी” माना गया है।
28% GST वाले सामान की लिस्ट:
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कार (SUV, लग्ज़री व्हीकल)
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मोटरसाइकिल (₹200cc से ऊपर)
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पान मसाला, तंबाकू, सिगरेट (सेस अलग)
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एयर कंडीशनर
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डिशवॉशर
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सिनेमा टिकट (₹750 से ऊपर)
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हेलीकॉप्टर और यॉट
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लग्ज़री होटल (₹7500/रात से ऊपर)
👉 सरकार चाहती है कि इन वस्तुओं पर टैक्स से ज्यादा राजस्व आए और आम आदमी पर बोझ न पड़े।
GST सेस (Cess) क्या है?
कुछ प्रोडक्ट पर GST के साथ-साथ Cess भी लगता है। इसका इस्तेमाल सरकार सड़क, इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वास्थ्य जैसे कामों में करती है।
Cess वाले सामान:
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तंबाकू और सिगरेट – 65% तक
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पान मसाला – 60%
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कोयला – ₹400/टन
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लग्ज़री कार – 15% सेस
GST का असर आम आदमी पर
GST आने के बाद से –
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कई चीजें सस्ती हुईं, जैसे अनाज, दाल, सब्ज़ी, दूध।
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कुछ महंगी हुईं, जैसे मोबाइल रिचार्ज, इंटरनेट, टूथपेस्ट, शैम्पू।
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व्यापारी को फायदा हुआ – अब उन्हें अलग-अलग टैक्स देने की झंझट नहीं।
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ऑनलाइन शॉपिंग पर भी GST लागू है – पहले सिर्फ VAT लगता था।
आम सवाल-जवाब (FAQ)
Q1. क्या सभी सामान पर GST लगता है?
👉 नहीं, ज़रूरी सामान जैसे अनाज, दूध, अंडा पर कोई GST नहीं लगता।
Q2. पेट्रोल-डीज़ल पर GST है क्या?
👉 अभी पेट्रोल, डीज़ल और कच्चे तेल पर GST लागू नहीं है। इन पर राज्य सरकारें टैक्स लेती हैं।
Q3. सोने और ज्वेलरी पर कितनी GST है?
👉 सोने पर 3% और मेकिंग चार्ज पर 5% GST लगता है।
Q4. मकान खरीदने पर कितना GST देना पड़ता है?
👉 अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी पर 5% GST और अफोर्डेबल हाउसिंग पर 1% GST।
Q5. क्या GST भविष्य में बदल सकता है?
👉 हाँ, सरकार समय-समय पर GST दरों में बदलाव करती रहती है।
निष्कर्ष
GST ने भारत के टैक्स सिस्टम को आसान बनाया है। अब हर किसी को पता है कि किस सामान पर कितनी GST है।
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जरूरी सामान पर 0% या 5%
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घरेलू और सामान्य प्रोडक्ट पर 12% और 18%
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लग्ज़री सामान पर 28% और Cess
👉 अगर आप व्यापारी हैं तो आपको GST स्लैब ज़रूर समझना चाहिए, और अगर आप ग्राहक हैं तो यह जानना आपके खर्च की प्लानिंग में मदद करेगा।
याद रखिए – GST सिर्फ टैक्स नहीं, बल्कि एक ऐसा सिस्टम है जो देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बना रहा है।
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