Faridabad Breaking: 360 किलो विस्फोटक बरामद! क्या बाबा बागेश्वर की यात्रा थी निशाने पर?

Faridabad Breaking News: 360 किलो विस्फोटक बरामद! क्या बाबा बागेश्वर की यात्रा थी निशाने पर?

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फरीदाबाद में 360 किलो विस्फोटक बरामद! क्या बाबा बागेश्वर की यात्रा थी निशाने पर?

फरीदाबाद / श्रीनगर:
हरियाणा के फरीदाबाद में 360 किलोग्राम विस्फोटक बरामद होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस और गुजरात एटीएस की संयुक्त कार्रवाई में तीन डॉक्टरों को आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस जांच के अनुसार, इन डॉक्टरों का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था और वे बड़े पैमाने पर विस्फोट की योजना बना रहे थे।

जम्मू-कश्मीर के डॉक्टरों की गिरफ्तारी से खुलासा

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने यूपी से डॉ. आदिल अहमद राथर को गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ के बाद पुलिस को फरीदाबाद में छिपाए गए 350-360 किलो अमोनियम नाइट्रेट का सुराग मिला।
इसके बाद पुलिस ने उसके साथी डॉक्टर को फरीदाबाद से पकड़ा। बताया जा रहा है कि यह विस्फोटक बेहद खतरनाक श्रेणी का है, जो बम बनाने में इस्तेमाल किया जा सकता था।

वहीं, गुजरात एटीएस ने भी तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक हैदराबाद का डॉक्टर शामिल है। उस पर आरोप है कि वह जहरीला केमिकल तैयार कर रहा था, जो विस्फोट के असर को कई गुना बढ़ा सकता था।

गिरिराज सिंह का बड़ा बयान – “क्या बाबा बागेश्वर की यात्रा थी निशाने पर?”

इस बरामदगी पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि यह साजिश “मुंबई बम धमाकों से भी ज्यादा खतरनाक” हो सकती थी।
उन्होंने सवाल उठाया कि “क्या यह बाबा बागेश्वर की पदयात्रा को निशाना बनाने की कोशिश थी?”
सिंह ने यह भी कहा कि जो लोग कहते हैं कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता, वे बताएं कि अब तक पकड़े गए सभी आतंकवादी एक ही समुदाय से क्यों हैं?

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महबूबा मुफ्ती का पलटवार

केंद्रीय मंत्री के इस बयान पर जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती ने तीखा पलटवार किया।
उन्होंने कहा, “गांधी जी को किसने मारा? इंदिरा जी को किसने मारा? राजीव गांधी जी को किसने मारा? गिरिराज जी पहले इसका जवाब दें, फिर बात करेंगे।”
महबूबा ने इसे राजनीति से प्रेरित बयान बताया और कहा कि आतंकवाद को किसी धर्म से जोड़ना गलत है।

पुलिस जांच जारी

जम्मू-कश्मीर पुलिस और गुजरात एटीएस इस मामले की गहराई से जांच में जुटी हैं। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, गिरफ्तार डॉक्टर सोशल मीडिया के ज़रिए एक चरमपंथी संगठन से जुड़े थे।
जांच एजेंसियाँ यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इनका मकसद किसी बड़ी धार्मिक सभा या यात्रा को निशाना बनाना था।

निष्कर्ष

फरीदाबाद से 360 किलो विस्फोटक की बरामदगी ने पूरे देश की सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है।
यह मामला सिर्फ आतंकी साजिश ही नहीं, बल्कि एक बड़े नेटवर्क का संकेत दे रहा है।
गिरिराज सिंह और महबूबा मुफ्ती के बीच इस मुद्दे पर जुबानी जंग जारी है, लेकिन असली सवाल है — क्या भारत एक और बड़ी आतंकी साजिश से बच गया?

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