छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में मंगलवार की शाम एक बड़ा रेल हादसा हो गया। गेवरा से बिलासपुर जा रही एक यात्री ट्रेन की टक्कर एक मालगाड़ी से हो गई। इस हादसे में अब तक कम से कम 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई यात्री घायल हुए हैं। हादसा इतना भयानक था कि यात्री ट्रेन का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

कैसे हुआ हादसा
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह दुर्घटना शाम करीब 4 बजे हुई, जब एमईएमयू (Mainline Electric Multiple Unit) यात्री ट्रेन गेवरा से बिलासपुर की ओर जा रही थी। जैसे ही ट्रेन गटोरा और बिलासपुर स्टेशन के बीच पहुंची, वह आगे खड़ी एक मालगाड़ी से पीछे से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज़ थी कि मालगाड़ी की आखिरी बोगी और यात्री ट्रेन की पहली बोगी आपस में बुरी तरह फंस गईं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि टक्कर की आवाज़ इतनी ज़ोरदार थी कि आसपास के इलाकों में भी झटका महसूस हुआ। कुछ ही मिनटों में आस-पास के लोग और रेलवे कर्मचारी मौके पर पहुंच गए और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया।
बचाव और राहत कार्य जारी
हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे और स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गया। एनडीआरएफ (National Disaster Response Force) की टीमें तुरंत मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। बिलासपुर के कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि चार यात्री अब भी ट्रेन के कोच के नीचे फंसे हुए थे, जिनको निकालने के लिए भारी मशीनों की मदद ली जा रही है।
बिलासपुर के एसपी राजनीश सिंह ने कहा कि “अब तक पांच लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। घायलों को नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है और हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसी भी यात्री को बिना मदद के न छोड़ा जाए।”
घायलों का इलाज जारी
हादसे में घायल यात्रियों को छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (CIMS) और बिलासपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की टीम लगातार इलाज में जुटी हुई है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, ट्रेन के कोच में फंसे कई यात्रियों को गैस कटर और हाइड्रोलिक उपकरणों की मदद से बाहर निकाला गया। एक शिशु (infant) को भी सुरक्षित बचा लिया गया, जिसे डॉक्टरों की टीम ने मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया।

रेलवे का मुआवज़ा ऐलान
दुर्घटना के बाद रेल मंत्रालय ने मृतकों के परिजनों को ₹10 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं, गंभीर रूप से घायल यात्रियों को ₹5 लाख और सामान्य चोट वाले यात्रियों को ₹1 लाख की मदद दी जाएगी।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी एस. वी. विलासराव ने बताया कि “रेल प्रशासन राहत और बचाव कार्य में पूरी तरह जुटा है। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और सभी यात्रियों को हरसंभव मदद दी जा रही है।”
कारणों की जांच शुरू
रेलवे ने इस हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) इस पूरी घटना की जांच करेंगे। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे की वजह सिग्नल फेल्योर या मानवीय त्रुटि (Human Error) हो सकती है।
सिग्नलिंग सिस्टम और ओवरहेड वायरिंग को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसके चलते इस रूट पर रेल यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। रेलवे तकनीकी टीम पूरी रात ट्रैक बहाल करने में जुटी है।
रूट प्रभावित, कई ट्रेनें रद्द
इस हादसे के चलते बिलासपुर-कटनी सेक्शन पर रेल यातायात ठप हो गया। कई एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनें रद्द या डाइवर्ट कर दी गई हैं। यात्रियों को दूसरी ट्रेनों और बसों से आगे भेजा जा रहा है।
रेलवे ने बताया कि ट्रैक की मरम्मत और मलबा हटाने के काम में कुछ घंटे और लग सकते हैं। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा करने से पहले रेलवे हेल्पलाइन पर संपर्क करें।
रेलवे हेल्पलाइन नंबर जारी
यात्रियों और उनके परिजनों के लिए रेलवे ने कई हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं ताकि वे अपने परिजनों की जानकारी ले सकें।
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बिलासपुर: 7777857335, 7869953330
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चांपा: 8085956528
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रायगढ़: 9752485600
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पेन्द्रा रोड: 8294730162
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कोरबा: 7869953330
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उसलापुर: 7777857338
इनके अलावा दुर्घटना स्थल पर भी दो स्थानीय हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं —
9752485499 और 8602007202, जिन पर लोग सीधे मदद ले सकते हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया भयावह मंजर
हादसे के वक्त ट्रेन में सफर कर रहे कुछ यात्रियों ने बताया कि अचानक एक जोरदार झटका लगा और ट्रेन के अंदर अफरा-तफरी मच गई। लोग चिल्लाने लगे, कुछ सीटों के नीचे दब गए। कई यात्री तो खिड़कियों से बाहर निकलने की कोशिश करने लगे।
एक यात्री ने बताया, “हमारे डिब्बे में धुआं भर गया था, चारों तरफ अंधेरा था। किसी तरह मोबाइल की रोशनी से बाहर निकले। रेलवे और स्थानीय लोगों ने बहुत मदद की।”
सरकार और नेताओं की प्रतिक्रिया
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने हादसे पर गहरा दुख जताया है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने कहा कि “सरकार हर संभव मदद करेगी और जांच पूरी पारदर्शिता से होगी।”
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से भी ट्वीट कर शोक व्यक्त किया गया। ट्वीट में लिखा गया —
“बिलासपुर में हुआ रेल हादसा बेहद दुखद है। शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना। केंद्र सरकार हर संभव मदद करेगी।”
अभी भी जारी है मलबा हटाने का काम
रात तक रेलवे, पुलिस, और NDRF की टीमें मौके पर मौजूद थीं। मलबा हटाने के लिए क्रेन और अन्य भारी मशीनें बुलाई गई हैं।
रेलवे अधिकारी उम्मीद कर रहे हैं कि बुधवार सुबह तक ट्रैक को फिर से चालू कर दिया जाएगा।
फिलहाल प्रशासन ने आसपास के गांवों में अस्थायी कैंप बनाए हैं, जहां यात्रियों को भोजन, पानी और प्राथमिक इलाज की सुविधा दी जा रही है।
निष्कर्ष
बिलासपुर ट्रेन हादसा फिर से इस बात की याद दिलाता है कि रेलवे सुरक्षा व्यवस्था में अब भी सुधार की ज़रूरत है। सिग्नलिंग सिस्टम, ट्रैक मॉनिटरिंग और मानव संसाधन प्रशिक्षण पर गंभीर ध्यान देना होगा ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
फिलहाल पूरा देश इस दुखद घटना से स्तब्ध है और दुआ कर रहा है कि घायल यात्री जल्द से जल्द ठीक हो जाएं।
