भारत ने वर्ल्ड कप फाइनल में दक्षिण अफ्रीका के सामने रखा 299 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य
ICC Women’s ODI World Cup 2025 के इतिहास में आज का दिन हमेशा याद रखा जायेगा। नवी मुंबई के DY पाटिल स्टेडियम में खेले जा रहे फाइनल में भारतीय महिला टीम ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 50 ओवर में 298/7 रन बनाए। यानी दक्षिण अफ्रीका महिला टीम को 299 रनों का लक्ष्य मिला है। एक विश्व कप फाइनल में 300 से नीचे होते हुए भी ये कुल मिलाकर एक बड़ा और प्रेशर वाला स्कोर है।

भारत की ये पारी शुरुआत में तेज़ थी, बीच में स्लो हुई और एंड में फिर तेज़ हुई। एक तरह से हम कह सकते हैं कि पहली बार खेलने वाले दर्शक को ये पारी एक दमदार टेस्ट जैसी स्टोरी लगी — मजबूत शुरुआत, बीच में टर्न और फिर अंत में क्लाइमेक्स।
भारत की शुरुआत शानदार – मंधाना और शैफाली ने बनाई नींव
इस बड़े मैच में सभी को पता था कि 10 ओवर में इंडिया का टोन क्या होगा वही पूरी फाइनल की दिशा बदल सकता था।
स्मृति मंधाना और शैफाली वर्मा ने यहाँ वही किया जो हर फाइनल में एक बड़ा देश चाहता है — डर रहित खेल। उन्होंने नई गेंद को सम्मान दिया पर loose ball को छोड़ा नहीं।
अक्सर बड़े मैच में शुरुआत में nerves काम करते हैं, बल्लेबाज़ दो run a ball pace पर जायें तो भी ठीक माना जाता है। पर इंडिया की इन दोनों ओपनर्स ने शुरुआती powerplay में ना सिर्फ bowlers कोने में डाला, बल्कि run rate भी बनाए रखा।
पहले 10 ओवर → 64/0
इस powerplay स्कोर ने बाद में middle overs में India को breathing space दी।
सभी bowlers, चाहे काप हों या खाखा, एक जैसे दिख रहे थे क्योंकि मंधाना और शैफाली किसी एक bowler को allow ही नहीं कर रहीं थीं कि वो set हो।
India Women Batting Scorecard (ICC Women’s ODI World Cup Final 2025 – 1st Innings)
| Batter | R | B | 4s | 6s | SR | Dismissal |
|---|---|---|---|---|---|---|
| Smriti Mandhana | 45 | 58 | 8 | 0 | 77.59 | c Jafta b Tryon |
| Shafali Verma | 87 | 78 | 7 | 2 | 111.54 | c Luus b Khaka |
| Jemimah Rodrigues | 24 | 37 | 1 | 0 | 64.86 | c Wolvaardt b Khaka |
| Harmanpreet Kaur (C) | 20 | 29 | 2 | 0 | 68.97 | b Mlaba |
| Deepti Sharma | 58 | 58 | 3 | 1 | 100.00 | run out (Tryon / Jafta) |
| Amanjot Kaur | 12 | 14 | 1 | 0 | 85.71 | c&b de Klerk |
| Richa Ghosh (WK) | 34 | 24 | 3 | 2 | 141.67 | c Dercksen b Khaka |
| Radha Yadav | 3* | 3 | 0 | 0 | 100.00 | not out |
Extras : 15 (b 0, lb 2, w 12, nb 1, p 0)
Total : 298/7 in 50 overs
South Africa Women Bowling
| Bowler | O | M | R | W | ER |
|---|---|---|---|---|---|
| Marizanne Kapp | 10 | 1 | 59 | 0 | 5.90 |
| Ayabonga Khaka | 9 | 0 | 58 | 3 | 6.44 |
| Nonkululeko Mlaba | 10 | 0 | 47 | 1 | 4.70 |
| Nadine de Klerk | 9 | 0 | 52 | 1 | 5.78 |
| Sune Luus | 5 | 0 | 34 | 0 | 6.80 |
| Chloe Tryon | 7 | 0 | 46 | 1 | 6.57 |
Fall Of Wickets
| Wicket | Score | Over |
|---|---|---|
| 1 | 104/1 | 17.4 |
| 2 | 166/2 | 27.5 |
| 3 | 171/3 | 29.4 |
| 4 | 223/4 | 39.0 |
| 5 | 245/5 | 43.1 |
| 6 | 292/6 | 49.0 |
| 7 | 298/7 | 50.0 |
मंधाना की खूबसूरत पारी और Tryon का वो important strike
एक विश्व कप फाइनल में जब कोई गेंदबाज़ अपना पहला over लेकर आता है और वो wicket ले जाता है — वो moment पूरे मैच का mood बदल देता है।
ऐसा ही हुआ 18वें over में।
Chloe Tryon सीधे आईं और मंधाना को 45 पर out कर दिया।
यहीं भारत की पारी की पहली बड़ी drop आयी। India उस समय तक 100 पार कर चुका था। 17.4 overs पर स्कोर था 104/1।
ये partnership सिर्फ run ना देकर psychological pressure हटाती है। एक loss या एक early wicket से final में लोग तुरंत nervous हो जाते हैं। पर यहाँ Opening stand इतना बड़ा था कि dressing room में किसी को panic करने की ज़रूरत ही नहीं पड़ी।
शैफाली की 87 वाली पारी – big match temperament का सबूत
ये पारी सिर्फ 87 runs की नहीं थी।
ये पारी 22 साल की उम्र में big match temperament की demonstration थी।
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timing
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strike rotation
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gap finding
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loose balls को punish करना
शैफाली ने ये match टेस्ट मैच की तरह नहीं खेला, ना T20 की तरह खेला — उन्होंने proper ODI template follow किया। जब boundaries मिलीं तब boundaries, जब singles चाहिए थे तब singles।
उनकी पारी में सिर्फ 2 छक्के और 7 चौके थे — यानी ये pure riskless smart cricket था।
छक्के पर छक्का मारकर out होना आसान होता है। फाइनल में patience difficult होता है।
इसीलिए इनकी पारी इतनी valuable है।
Jemimah Rodrigues और middle overs की reality
middle overs — ODI cricket का सबसे difficult zone होता है।
South Africa ने यहीं comeback किया।
33 से 40 overs के बीच इंडिया ने flow खोया। जीमिमा सिर्फ 24 पर आउट हो गयीं। फिर हारमन भी 20 पर चली गयीं।
इन दो wickets ने इंडिया को deep में pressure में ला दिया था।
अगर यहाँ इंडिया collapse करती, तो इंडिया 260 तक ही रुकती।
फिर world cup final में chase 260 comfortable होता और script South Africa के favour में सेट होती।
Deepti Sharma – असली anchor – असली difference
ये 58*(58) वाली पारी वो पारी है जिसे scorecard में देखने पर कोई casual fan समझ नहीं पाता।
पर असली fan जानता है — ये 58 रन match changing थे।
Deepti ने:
-
scoreboard rotate किया
-
nervous moments में calmness दी
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lower middle order को guide किया
-
Richa को license दिया कि वो free खेले
Deepti का role इतना silent होता है कि TV पर सवाल नहीं उठते पर dressing room में हर कोई जानता है — ये real final player थी।
Death overs में Richa Ghosh का show
final में last 6-7 overs runs build करना असली skill होता है। ball soft हो चुका होता है, field spread होती है, bowler अपना last overs prime experience use करता है।
यहाँ Richa का 34(24) बिल्कुल gold था।
उन्होंने कुछ ऐसे shots मारे जो किसी भी bowler के confidence को तोड़ देते हैं।
298/7 सिर्फ score नहीं — ये mix technical + mental balance था।
अगर Richa out होतीं 8 ball पहले — इंडिया 275 पर रुकती।
यानी लगभग 24 रन उनकी bold hitting ने extra जोड़ दिए।
भारत 300 नहीं पहुँचा? पर यह score low नहीं है
India 299 नहीं बल्कि 298 ही बना पाई।
पर इस बात को पढ़कर casual fan शायद बोले:
“अरे 2 रन कम रह गए… atleast 300 होना था”
NO
final में 298 का भी अपना psychological weight होता है।
-
chasing team को लगता है कि उन्हें 300 chase करना है
-
scoreboard pressure हर over में बढ़ता है
-
middle overs में risk लेना पड़ता है
और 299 target — ODI में tricky psychological number माना जाता है — 300 से 1 run कम, पर same pressure।
South African bowling – अच्छा भी और average भी
Ayabonga Khaka ने अपनी class दिखाई।
उन्होंने 3 wickets लिए और middle overs में momentum break किया।
Kapp बड़ी bowler हैं, पर आज उनकी line का discipline उतना sharp नहीं दिखा। पर उनके experience का फायदा SA को chase में मिलेगा — वे dressing room में calm perspective देती हैं।
Tryon को credit देना पड़ेगा — उन्होंने बड़ी partner (मंधाना) का wicket लिया।
Final की chase कैसे चलेगी? — critical factors
अब सबसे बड़ा सवाल है:
क्या South Africa 299 chase कर सकती है?
YES
but with conditions:
| Factor | Result |
|---|---|
| अगर 10 overs में SA 50+ powerplay बिना बड़े damage के निकली | match बराबर |
| अगर SA 10 overs में 2 wicket खो देती है | India 70% favourite |
यानी early phase में match set हो जायेगा।
India की spin attack second half में बहुत dangerous हो सकती है।
Deepti + Radha Yadav + Harman — ये trio batting को slow death दे सकती हैं।
अगर South Africa ने इतिहास बनाना है
उन्हें इस match में सिर्फ playing XI नहीं चाहिए — उन्हें nerve control चाहिए।
पहली बार फाइनल।
पहली बार इतना बड़ा world stage।
अक्सर ऐसे matches skills से नहीं — nerves से हार-जीत decide कराते हैं।
DY Patil का pitch report impact
DY Patil की surface आज batting friendly थी, लेकिन daytime और night time दोनों में ball behave अलग कर सकती है।
Night में ball थोड़ी skiddy होकर spin को extra help दे सकती है — यही इंडिया का सबसे बड़ा weapon है।
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ये 298 रन future headlines decide करेंगे
अगर इंडिया जीता – हर headline यही होगी:
“भारत ने फाइनल में 300 से पहले ही South Africa को रोक दिया”
अगर South Africa जीता – headlines ये होंगी:
“South Africa women ने 299 जैसे बड़े target को तोड़कर जीत बनाया”
इसका मतलब ये score neutral नहीं है — ये narrative score है।
Summary
-
powerplay India → 64/0
-
opening stand → 104 run
-
Shafali 87 superstar innings
-
Deepti 58 run anchor innings
-
Richa death overs boost
-
India 298/7
-
SA को target → 299
अब South Africa की बारी
25 minutes बाद chase शुरू होगी।
अगर South Africa इसे chase करती है — वो इतिहास में अमर हो जाएंगे।
और अगर इंडिया defend करती है — यह सबसे बड़ा जीत moment होगा Indian Women Cricket history में।
आज रात — सिर्फ क्रिकेट match नहीं, एक युग बदलेगा।
299 runs — यही future decide करेंगे।

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