10 दिसंबर तक बढ़ी ITR फाइलिंग की डेडलाइन — अब बिना पेनल्टी ऐसे करें रिटर्न फाइल!

देशभर के टैक्सपेयर्स और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने आकलन वर्ष 2025-26 (Assessment Year 2025-26) के लिए आयकर रिटर्न (ITR) और ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की अंतिम तिथियाँ बढ़ा दी हैं।
अब टैक्स ऑडिट से जुड़े मामलों में ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की नई आखिरी तारीख 10 नवंबर 2025 होगी, जबकि आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की नई समय सीमा 10 दिसंबर 2025 तय की गई है।
नई समय सीमाएँ क्या हैं?
CBDT द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार —
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ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की नई तारीख: 10 नवंबर 2025
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आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की नई तारीख: 10 दिसंबर 2025
पहले यह तारीखें क्रमशः 30 सितंबर और 31 अक्टूबर 2025 थीं, जिन्हें अब एक महीने के लिए बढ़ा दिया गया है।
CBDT ने क्यों बढ़ाई तारीख?
CBDT ने बताया कि विभिन्न पेशेवर संघों और टैक्सपेयर्स की मांगों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
कई टैक्स प्रोफेशनल्स और ऑडिटर्स ने यह अनुरोध किया था कि समय कम है और कई तकनीकी कारणों से टैक्स ऑडिट रिपोर्ट्स समय पर पूरी नहीं हो पा रही हैं। इसलिए, रिटर्न और रिपोर्ट दाखिल करने के लिए थोड़ा अतिरिक्त समय दिया जाए ताकि टैक्सपेयर्स को राहत मिल सके।
CBDT ने कहा कि यह विस्तार करदाताओं की सुविधा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए दिया गया है।
कौन-कौन से टैक्सपेयर्स को मिलेगी राहत?
10 दिसंबर तक बढ़ी ITR फाइलिंग की डेडलाइन — अब बिना पेनल्टी ऐसे करें रिटर्न फाइल!
यह समय सीमा बढ़ोतरी सिर्फ ऑडिट मामलों (Audit Cases) के लिए लागू होगी।
यानि जिन लोगों या संस्थाओं की आय, कारोबार या टर्नओवर निर्धारित सीमा से अधिक है और जिनका टैक्स ऑडिट आवश्यक है, उन्हें यह राहत दी गई है।
उदाहरण:
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बिज़नेस जिनका टर्नओवर ₹1 करोड़ से अधिक है (या वैधानिक सीमा के अनुसार)
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प्रोफेशनल्स जिनकी इनकम ₹50 लाख से ऊपर है
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कंपनियाँ और पार्टनरशिप फर्म्स जिनके खातों का ऑडिट आवश्यक है
टैक्स प्रोफेशनल्स ने जताई राहत की भावना
CBDT के इस फैसले का टैक्स प्रोफेशनल्स और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने स्वागत किया है।
इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) समेत कई संगठनों ने CBDT को धन्यवाद दिया और कहा कि यह कदम टैक्स अनुपालन प्रक्रिया को सरल बनाएगा।
कई टैक्स सलाहकारों ने बताया कि ऑडिट रिपोर्ट्स तैयार करने और डेटा की जाँच में काफी समय लगता है। ऐसे में यह अतिरिक्त अवधि उन्हें गुणवत्ता सुनिश्चित करने में मदद करेगी।
CBDT का नोटिफिकेशन क्या कहता है?
CBDT ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अधिसूचना जारी करते हुए कहा कि:
“आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139(1) के अंतर्गत रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा, और संबंधित टैक्स ऑडिट रिपोर्ट्स दाखिल करने की तिथि, आकलन वर्ष 2025-26 के लिए क्रमशः 10 नवंबर 2025 और 10 दिसंबर 2025 तक बढ़ाई जाती है।”
यह नोटिफिकेशन 29 अक्टूबर 2025 को जारी किया गया।
करदाताओं के लिए क्या करना जरूरी है?
यदि आप उन श्रेणियों में आते हैं जिन्हें ऑडिट रिपोर्ट और ITR दाखिल करनी होती है, तो इस बार आपके पास एक अतिरिक्त महीना है।
हालाँकि, यह जरूरी है कि —
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आप अपने ऑडिट रिपोर्ट्स समय पर पूरा करें
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आवश्यक दस्तावेज़ और रसीदें पहले से तैयार रखें
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Income Tax Portal पर फाइलिंग करने से पहले सभी डिटेल्स की जांच कर लें
देर करने पर क्या होगा?
CBDT ने केवल ऑडिट मामलों में समय बढ़ाया है। यदि कोई व्यक्ति बिना ऑडिट वाले मामलों में निर्धारित समय के बाद ITR फाइल करता है, तो लेट फीस (Late Fee) और ब्याज (Interest) लग सकता है।
इसलिए, करदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे नई तारीख के भीतर ही फाइलिंग पूरी करें ताकि किसी भी प्रकार की पेनल्टी या नोटिस से बचा जा सके।
CBDT का उद्देश्य
CBDT का उद्देश्य है कि करदाता सहजता से अपना टैक्स रिटर्न फाइल कर सकें और डिजिटल प्रक्रिया में किसी प्रकार की रुकावट न आए।
साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि देश में टैक्स अनुपालन का स्तर बेहतर हो और करदाता को अनावश्यक दबाव का सामना न करना पड़े।
संदर्भ
स्रोत: LiveLaw.in रिपोर्ट – Customs Act Excel Sheet Case & CBDT Notification (29 Oct 2025)
FAQs
Q1. CBDT ने कौन-कौन सी तारीखें बढ़ाई हैं?
CBDT ने ऑडिट रिपोर्ट की तारीख 10 नवंबर 2025 और ITR फाइल करने की तारीख 10 दिसंबर 2025 तक बढ़ा दी है।
Q2. क्या यह सभी करदाताओं पर लागू है?
नहीं, यह विस्तार केवल ऑडिट मामलों (Audit Cases) के लिए लागू है।
Q3. क्या बिना ऑडिट वाले टैक्सपेयर्स को कोई राहत मिली है?
नहीं, बिना ऑडिट वाले टैक्सपेयर्स के लिए पहले घोषित तारीखें ही लागू रहेंगी।
Q4. देर से फाइल करने पर क्या होगा?
यदि नई तारीख के बाद ITR फाइल किया गया तो लेट फीस और ब्याज देना पड़ सकता है।
Q5. क्या CBDT का यह फैसला हर साल लिया जाता है?
ज़रूरी नहीं, परंतु जब भी परिस्थितियाँ मांग करती हैं, CBDT टैक्सपेयर्स की सुविधा के लिए समय बढ़ा देती है।
निष्कर्ष
CBDT द्वारा समय सीमा बढ़ाने का यह फैसला टैक्सपेयर्स और ऑडिट प्रोफेशनल्स दोनों के लिए राहत भरा है।
यह कदम न केवल करदाताओं के लिए कार्य को सरल बनाएगा, बल्कि आयकर विभाग और टैक्स सिस्टम के बीच विश्वास को भी मज़बूत करेगा।
अब करदाता 10 दिसंबर 2025 तक अपनी ITR फाइल कर सकते हैं और 10 नवंबर 2025 तक टैक्स ऑडिट रिपोर्ट्स जमा कर सकते हैं।
हालाँकि, विशेषज्ञों का मानना है कि आखिरी तारीख तक इंतजार करने के बजाय समय रहते प्रक्रिया पूरी करना ही बेहतर रहेगा।
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