“VIDEO: मोकामा में हुआ बड़ा हादसा – अनंत सिंह बोले, ‘मंच गिरा है, हौसला नहीं!’”

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में जैसे-जैसे तारीखें नज़दीक आ रही हैं, राजनीतिक माहौल और भी गर्म होता जा रहा है। मोकामा विधानसभा सीट से जनता दल (यूनाइटेड) के उम्मीदवार और बाहुबली छवि वाले नेता अनंत कुमार सिंह का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दिखाया गया है कि किस तरह उनका चुनावी मंच अचानक से देखते ही देखते ढह गया, लेकिन अनंत सिंह ने अपनी हिम्मत नहीं खोई और मुस्कुराते हुए फिर से अपने समर्थकों को संबोधित करना शुरू कर दिया।
मंच टूटने से मचा हड़कंप
यह घटना शनिवार को रामपुर-डूमरा गांव की है, जहां अनंत सिंह अपने “तूफान संपर्क अभियान” के तहत जनता से मुलाकात कर रहे थे। बड़ी संख्या में लोग अपने नेता को सुनने पहुंचे थे। जैसे ही समर्थक “अनंत सिंह जिंदाबाद” के नारे लगाने लगे, मंच पर मौजूद लोगों की संख्या बढ़ने लगी। उसी बीच मंच का संतुलन बिगड़ गया और वह अचानक धड़ाम से नीचे गिर पड़ा।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि गिरते हुए भी अनंत सिंह ने खुद को संभाल लिया और किसी को चोट नहीं लगी। हादसे के बाद कुछ देर के लिए वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लेकिन जब लोगों को पता चला कि अनंत सिंह सुरक्षित हैं, तो समर्थक फिर से “छोटे सरकार जिंदाबाद” के नारे लगाने लगे।
अनंत सिंह का हौसला बुलंद
हादसे के बाद भी अनंत सिंह का आत्मविश्वास कम नहीं हुआ। उन्होंने माइक संभालते हुए हंसते हुए कहा,
“देखा ना, मंच भी हमारे जोश को नहीं झेल पाया।”
इसके बाद उन्होंने फिर से अपने भाषण की शुरुआत की और जनता से कहा कि यह चुनाव जनता की ताकत बनाम पैसों की ताकत का है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस बार बिहार में विकास और सम्मान की राजनीति को आगे बढ़ाएं।
उनके समर्थकों ने भी जोरदार उत्साह दिखाया और यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल होते ही चर्चा का विषय बन गई। कई लोग उनकी हिम्मत और जमीन से जुड़ी छवि की तारीफ कर रहे हैं।
मोकामा की सियासत में गरमी
मोकामा विधानसभा सीट पर इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। जनता दल (यूनाइटेड) से जहां अनंत सिंह मैदान में हैं, वहीं राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस सीट से पूर्व सांसद सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी को टिकट दिया है।
हालांकि उम्मीदवार वीणा देवी हैं, लेकिन जनता के बीच यह मुकाबला “छोटे सरकार बनाम सूरजभान” के रूप में देखा जा रहा है। दोनों ही नेता भूमिहार समुदाय से आते हैं, जो इस क्षेत्र में निर्णायक भूमिका निभाता है। ऐसे में हर वोट की अहमियत और बढ़ गई है।
भूमिहार वोट बैंक पर नज़र
मोकामा का इलाका लंबे समय से बाहुबली नेताओं का गढ़ माना जाता है। यहां भूमिहार मतदाता संख्या में काफी अधिक हैं। अनंत सिंह का इस समुदाय में मजबूत आधार रहा है, जबकि सूरजभान सिंह भी इसी जाति से आते हैं।
इस बार मुकाबला जातीय समीकरणों और छवि के बीच फंसा हुआ है — एक तरफ “बाहुबली अनंत सिंह” हैं, जिनकी पहचान जनता के बीच “छोटे सरकार” के नाम से है, तो दूसरी ओर वीणा देवी, जो अपने पति की “बदली हुई छवि” को जनता के सामने पेश कर रही हैं।
वीणा देवी का बयान – “हम मोकामा की तस्वीर बदल देंगे”
वीणा देवी ने अपने एक हालिया बयान में कहा कि उनके पति अब “बदले हुए व्यक्ति” हैं। उन्होंने कहा,
“जिस तरह मैंने अपने पति को सुधारा, उसी तरह अब मोकामा की तस्वीर भी बदल दूंगी। हम अपराध नहीं, विकास की राजनीति चाहते हैं।”
उनके इस बयान को आरजेडी खेमे में खूब प्रचारित किया जा रहा है। वहीं, जेडीयू समर्थक कहते हैं कि “अनंत सिंह भले बाहुबली हों, लेकिन उन्होंने अपने क्षेत्र में सड़क, शिक्षा और अस्पताल जैसे काम कराए हैं।”
सोशल मीडिया पर छाया वीडियो
मंच टूटने का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर आया, लोगों ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दीं।
किसी ने लिखा –
“अनंत सिंह का मंच टूटा, लेकिन उनका जोश नहीं।”
तो किसी ने मजाकिया लहजे में कहा –
“बाहुबली का वजन मंच नहीं झेल पाया!”
हालांकि कई लोगों ने इस घटना को लेकर चिंता भी जताई और आयोजकों से पूछा कि आखिर इतनी भीड़ के बीच मंच की सुरक्षा का इंतजाम क्यों नहीं किया गया था।
जेडीयू ने कहा – “जनता का प्यार भारी पड़ गया”
जनता दल (यूनाइटेड) के स्थानीय नेताओं का कहना है कि मंच टूटने का कारण भीड़ का अत्यधिक उत्साह था।
जेडीयू प्रवक्ता ने कहा,
“अनंत सिह जी के प्रति जनता का प्यार इतना ज्यादा है कि लोग मंच पर चढ़ गए। लेकिन भगवान का शुक्र है कि किसी को चोट नहीं आई।”
पार्टी कार्यकर्ताओं ने बताया कि इस घटना के बाद भी अनंत सिंह ने पूरे आत्मविश्वास के साथ अगले तीन गांवों में सभा की और वहां भी भारी भीड़ उमड़ी।
चुनावी माहौल और बढ़ा
“VIDEO: मोकामा में हुआ बड़ा हादसा – अनंत सिंह बोले, ‘मंच गिरा है, हौसला नहीं!’”
इस घटना के बाद मोकामा का राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। लोग अब इस घटना को भी चुनावी चर्चा का हिस्सा बना रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस घटना ने अनंत सिंह की “जमीन से जुड़े नेता” वाली छवि को और मजबूत किया है। दूसरी ओर, आरजेडी इसे “सुरक्षा लापरवाही” बताकर प्रचार में इस्तेमाल कर सकती है।
FAQs
Q1. अनंत सिंह का मंच कहां टूटा?
रामपुर-डूमरा गांव, मोकामा में उनके तूफान संपर्क अभियान के दौरान मंच टूट गया।
Q2. क्या अनंत सिंह को चोट लगी?
नहीं, अनंत सिंह पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्होंने तुरंत सभा दोबारा शुरू की।
Q3. अनंत सिंह का मुख्य मुकाबला किससे है?
उनका मुकाबला आरजेडी की उम्मीदवार और पूर्व सांसद सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी से है।
Q4. क्या घटना का वीडियो वायरल हुआ है?
हां, सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
Q5. मोकामा सीट पर कौन-सा समुदाय निर्णायक भूमिका में है?
यहां भूमिहार मतदाता चुनावी नतीजे को काफी प्रभावित करते हैं।
निष्कर्ष
मोकामा की यह घटना सिर्फ एक मंच टूटने की नहीं, बल्कि एक नेता के हौसले और जनता से जुड़ाव की कहानी बन गई है।
अनंत सिंह ने साबित कर दिया कि चाहे मंच टूट जाए या हालात बिगड़ जाएं, अगर जनता का भरोसा साथ है तो नेता कभी नहीं गिरता।
बिहार चुनाव 2025 के इस दिलचस्प मुकाबले में अब सबकी निगाहें मोकामा पर हैं —
क्या “छोटे सरकार” अपनी जमीन बचा पाएंगे या “वीणा देवी” नई तस्वीर गढ़ेंगी?
इसका फैसला जनता ही करेगी।
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