करवा चौथ व्रत में भूलकर भी न करें ये गलतियाँ, वरना अधूरी रह जाएगी पूजा

करवा चौथ का व्रत हर साल कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। यह पर्व खासतौर पर विवाहित स्त्रियों के लिए बहुत महत्व रखता है। मान्यता है कि इस व्रत को पूरी श्रद्धा और नियम से करने पर पति की उम्र लंबी होती है और दांपत्य जीवन सुखमय बनता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं सुबह से चंद्रमा के दर्शन तक निर्जला व्रत रखती हैं। शाम को करवा चौथ की पूजा कर पति की लंबी उम्र की कामना की जाती है।
लेकिन कई बार महिलाएं अनजाने में कुछ गलतियां कर बैठती हैं जिससे व्रत का फल अधूरा रह सकता है। ऐसे में जरूरी है कि करवा चौथ के दिन परंपराओं का पालन करते समय सावधानियां रखी जाएं। आइए जानते हैं वो कौन-कौन सी गलतियां हैं जिन्हें इस व्रत में भूलकर भी नहीं करना चाहिए।
1. सूर्योदय से पहले सरगी न करना
करवा चौथ व्रत की शुरुआत सरगी से होती है। सरगी वह थाली होती है जिसे सास अपनी बहू को देती है। इसमें मिठाई, फल, मेवा, हलवा और अन्य ऊर्जा देने वाले खाद्य पदार्थ होते हैं।
- कई महिलाएं समय पर सरगी नहीं खातीं या इसे हल्के में लेती हैं।
- लेकिन सरगी का सेवन बहुत जरूरी है क्योंकि यही भोजन पूरे दिन की ऊर्जा देता है।
- सरगी सूर्योदय से पहले ही कर लेनी चाहिए, वरना इसका महत्व कम हो जाता है।
2. व्रत के दौरान पानी पीना
करवा चौथ का व्रत निर्जला माना गया है। यानी इस दिन व्रती स्त्रियां न तो भोजन करती हैं और न ही पानी पीती हैं।
- कई बार महिलाएं थकान या कमजोरी की वजह से पानी पी लेती हैं।
- लेकिन शास्त्रों के अनुसार, व्रत का फल तभी मिलता है जब इसे पूरी कठोरता और श्रद्धा से निभाया जाए।
- इसलिए यदि आप व्रत रखने का संकल्प लें, तो इसे पूरे दिन निभाना जरूरी है।
3. गलत समय पर पूजा करना
करवा चौथ की पूजा का भी एक निश्चित मुहूर्त होता है।
- कई बार महिलाएं जल्दीबाजी में या देर से पूजा कर लेती हैं।
- लेकिन शास्त्रों में साफ कहा गया है कि पूजा शुभ मुहूर्त में ही करनी चाहिए।
- गलत समय पर पूजा करने से व्रत का प्रभाव कम हो जाता है।
- इसलिए हमेशा पंचांग देखकर ही पूजा का सही समय चुनें।
4. चंद्रमा को सीधे देखना
करवा चौथ के दिन व्रती स्त्रियां चंद्रमा को छलनी से देखती हैं।
- कई बार महिलाएं भूल से सीधे चंद्रमा को देख लेती हैं।
- लेकिन परंपरा के अनुसार, पहले छलनी से चंद्रमा को देखना चाहिए और फिर पति का चेहरा।
- इसे दांपत्य जीवन के सुख और समृद्धि से जोड़ा गया है।
5. पूजा की थाली अधूरी रखना
करवा चौथ की पूजा के समय पूजा की थाली में सभी जरूरी सामग्री होना अनिवार्य है।
- इसमें दीपक, रोली, चावल, करवा, मिठाई, पानी का लोटा और छलनी होना चाहिए।
- कई बार महिलाएं जल्दी में थाली अधूरी रख लेती हैं।
- लेकिन यह एक बड़ी गलती है। पूजा की थाली पूरी और सुसज्जित होनी चाहिए।
6. व्रत के नियमों को हल्के में लेना
- करवा चौथ व्रत सिर्फ एक परंपरा नहीं बल्कि आस्था का प्रतीक है।
- इसे हल्के में लेकर सिर्फ औपचारिकता के तौर पर निभाना गलत है।
- यदि व्रत रखना है तो पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ ही रखना चाहिए।
7. लाल या सुहाग के रंग न पहनना
करवा चौथ के दिन महिलाएं पारंपरिक रूप से लाल, गुलाबी, पीले या सुनहरे रंग के वस्त्र पहनती हैं।
- ये रंग सौभाग्य और समृद्धि के प्रतीक माने जाते हैं।
- कई बार महिलाएं साधारण कपड़ों में व्रत कर लेती हैं।
- यह व्रत की पवित्रता को अधूरा कर देता है।
8. पति को पूजा में शामिल न करना
करवा चौथ की पूजा का सबसे बड़ा हिस्सा है—पति का चेहरा देखकर जल पीना और व्रत खोलना।
- यदि पूजा में पति शामिल न हों तो यह व्रत अधूरा माना जाता है।
- इसलिए कोशिश करें कि पूजा में पति जरूर मौजूद रहें।
9. बुजुर्गों का आशीर्वाद न लेना
करवा चौथ व्रत में भूलकर भी न करें ये गलतियाँ, वरना अधूरी रह जाएगी पूजा
करवा चौथ केवल पति-पत्नी के रिश्ते के लिए ही खास नहीं है, बल्कि यह परिवार की समृद्धि से भी जुड़ा हुआ है।
- व्रत के बाद घर के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेना जरूरी है।
- कई महिलाएं इस पर ध्यान नहीं देतीं।
- लेकिन बुजुर्गों का आशीर्वाद लेना सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन के लिए बहुत शुभ होता है।
10. व्रत तोड़ते समय मिठाई न खाना
करवा चौथ का व्रत खोलते समय सबसे पहले पानी और मिठाई का सेवन करना चाहिए।
- कई बार महिलाएं सीधे भोजन कर लेती हैं।
- यह परंपराओं के अनुसार सही नहीं माना जाता।
- व्रत को तोड़ते समय मिठाई खाने का विशेष महत्व है।
11. झगड़ा या नकारात्मक बातें करना
व्रत के दिन घर में सकारात्मक माहौल बनाए रखना चाहिए।
- कई बार तनाव या झगड़े की वजह से वातावरण खराब हो जाता है।
- लेकिन शास्त्रों के अनुसार, इस दिन पति-पत्नी को खासकर आपसी प्रेम और सम्मान बनाए रखना चाहिए।
- नकारात्मक सोच या वाद-विवाद व्रत के फल को कम कर सकता है।
12. व्रत के दौरान सोना
कई महिलाएं दिनभर व्रत के दौरान कमजोरी की वजह से ज्यादा सो जाती हैं।
- शास्त्रों के अनुसार, व्रत के दौरान सोने से पुण्य का फल आधा हो जाता है।
- इस दिन जागकर भगवान की भक्ति और घर की तैयारियों में समय देना ज्यादा शुभ होता है।
13. कचरा या गंदगी घर में रखना
करवा चौथ का व्रत केवल पूजा-पाठ का नहीं बल्कि साफ-सफाई का भी पर्व है।
- इस दिन घर को पूरी तरह साफ-सुथरा रखना चाहिए।
- गंदगी या कचरा नकारात्मक ऊर्जा लाता है।
- इसलिए पूजा से पहले और बाद में घर को स्वच्छ रखना जरूरी है।
FAQs
Q1. करवा चौथ व्रत में सबसे बड़ी गलती कौन सी होती है?
सबसे बड़ी गलती है पूजा का समय और नियमों का पालन न करना। व्रत में पानी पीना या सरगी न करना भी गलत माना जाता है।
Q2. क्या करवा चौथ व्रत में पानी पी सकते हैं?
नहीं, करवा चौथ का व्रत निर्जला होता है। इस दिन न तो भोजन किया जाता है और न ही पानी पिया जाता है।
Q3. करवा चौथ की पूजा का सही समय कब होता है?
करवा चौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त हर साल अलग होता है। इसे पंचांग देखकर तय करना चाहिए। शाम को चंद्रमा निकलने से पहले पूजा करनी चाहिए।
Q4. क्या पति को पूजा में शामिल करना जरूरी है?
जी हाँ, पति की लंबी उम्र की कामना का यह व्रत है, इसलिए पूजा और व्रत खोलने की प्रक्रिया पति के साथ ही करनी चाहिए।
Q5. करवा चौथ व्रत तोड़ते समय सबसे पहले क्या खाना चाहिए?
व्रत तोड़ते समय सबसे पहले पानी और मिठाई का सेवन करना चाहिए, उसके बाद अन्य भोजन किया जा सकता है।
निष्कर्ष
करवा चौथ व्रत केवल पति की लंबी उम्र के लिए ही नहीं बल्कि दांपत्य जीवन की मजबूती और परिवार की खुशहाली का पर्व है। यह व्रत तब ही पूर्ण फल देता है जब इसे पूरे नियम, श्रद्धा और विश्वास के साथ किया जाए।
इसलिए ध्यान रखें कि व्रत के दिन भूलकर भी ऊपर बताई गई गलतियां न करें। हर परंपरा का अपना महत्व है और उसका पालन करने से ही व्रत सफल माना जाता है।
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