2 November Tulsi Vivah 2025: बस इस रात का 1 Ritual कर लो… अगले 6 महीने में पैसा खुद चलकर आएगा

2 November Tulsi Vivah 2025: बस इस रात का 1 Ritual कर लो… अगले 6 महीने में पैसा खुद चलकर आएगा

Spread the love

हर साल कार्तिक महीने की शुक्ल पक्ष की एकादशी को तुलसी विवाह मनाया जाता है। 2025 में यह शुभ तिथि 2 नवंबर (2 November Tulsi Vivah 2025) को पड़ रही है। यह तिथि न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि से भी बेहद खास मानी जा रही है। इस दिन ग्रहों की विशेष स्थिति “Lakshmi Activation Window” बनाती है, जो धन, समृद्धि और इच्छापूर्ति के लिए अत्यंत शुभ समय है।

Tulsi Vivah 2025

ज्योतिष के अनुसार इस दिन सूर्य धनु नक्षत्र के दाहिने क्वाड्रंट में सक्रिय रहेगा और चंद्रमा तुला राशि में रहते हुए शुक्र के अप्रत्यक्ष प्रभाव में होगा। यह दुर्लभ संयोजन धन और वैभव के द्वार खोलने वाला है।

तुलसी विवाह 2025 क्या है?

तुलसी विवाह का अर्थ है – तुलसी माता और भगवान विष्णु (शालिग्राम) का दिव्य विवाह। इस दिन को “देवउठनी एकादशी” या “प्रभोदयिनी एकादशी” भी कहा जाता है। माना जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु चार महीने की योगनिद्रा से जागते हैं, और इसके साथ ही शुभ कार्यों की पुनः शुरुआत होती है।

इसलिए यह तिथि “RESET POINT” मानी जाती है — यानी वर्ष भर के लिए नई ऊर्जा, नए अवसर और समृद्धि की शुरुआत।

2 November 2025 Tulsi Vivah मुहूर्त

प्रक्रिया समय
देवोत्थान / देवउठनी सक्रिय सुबह 4:39 बजे
विवाह आरती का प्रमुख समय शाम 6:39 बजे – रात 10:45 बजे
दीपदान का सबसे प्रभावी समय रात 9:12 बजे के बाद

इन चार घंटों का काल “PURE RESULT TIME” कहा गया है। इस दौरान की गई पूजा, जप और संकल्प का सीधा असर व्यक्ति के धन, परिवार और मानसिक शांति पर पड़ता है।

तुलसी विवाह क्यों किया जाता है?

तुलसी विवाह केवल एक धार्मिक रस्म नहीं, बल्कि यह “धन और स्थिरता” का प्रतीक अनुष्ठान है। मान्यता है कि इस दिन की पूजा से व्यक्ति के जीवन में निम्नलिखित शुभ परिणाम आते हैं:

  • धन और संपत्ति में स्थिरता

  • नौकरी और व्यापार में निरंतर प्रगति

  • मन की स्पष्टता और मानसिक शांति

  • पारिवारिक सौहार्द और विवाह संबंधी बाधाओं का निवारण

  • और सबसे महत्वपूर्ण – धन के नए स्रोत का खुलना

2025 में तुलसी विवाह इसलिए और भी प्रभावी माना गया है क्योंकि इस वर्ष शुक्र और चंद्रमा का योग अत्यंत शुभ है।

तुलसी विवाह 2025 की पूजा विधि (Pooja Vidhi Step by Step)

STEP 1 – पूजन स्थल की तैयारी

  • तुलसी के पौधे की मिट्टी को साफ करें।

  • शुद्ध जल से छिड़काव करें और पास में सुंदर रंगोली बनाएं।

  • तुलसी पर लाल चुनरी ओढ़ाएं।

  • सिंदूर, रोली, केसर और एक छोटी साड़ी रखें — यह विवाह का प्रतीक है।

STEP 2 – आवाहन (Invocation)

  • तुलसी माता का आवाहन करें:
    “ॐ श्री तुलस्यै नमः” (11 बार)

  • फिर भगवान विष्णु का आवाहन करें:
    “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” (21 बार)

STEP 3 – मंगल सूत्र विधि

  • तुलसी के पौधे में कच्चा धागा तीन बार बांधें और बोलें:
    “ॐ लक्ष्मी-नारायणाय नमः”

STEP 4 – चावल आशीर्वाद (Rice Blessing)

  • सात दाने चावल तुलसी पर रखें और सात दाने भगवान विष्णु पर रखें।
    यह 7-7 का संयोजन “Prosperity Loop” बनाता है।

STEP 5 – धन वृद्धि मंत्र (Money Mantra)

यह तुलसी विवाह का मुख्य धन-संवर्धन मंत्र है:
“ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः”
इसे कम से कम 51 बार जपें।
यदि आप 108 बार जपते हैं तो परिणाम और तीव्र मिलते हैं।

तुलसी विवाह पर क्या नहीं करना चाहिए (Don’ts List)

तुलसी विवाह की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि आप कौन सी गलतियाँ नहीं करते।

  1. तुलसी के पत्ते न तोड़ें – इस दिन तुलसी पत्र तोड़ना लक्ष्मी के बहिर्गमन के समान माना गया है।

  2. लहसुन-प्याज न खाएँ – यह दिन सात्विक ऊर्जा का दिन है, अतः तामसिक भोजन वर्जित है।

  3. शाम के बाद तुलसी के पास झाड़ू न लगाएँ – इससे धन की सूक्ष्म ऊर्जा बिखर जाती है।

  4. जूते पहनकर तुलसी को न छूएं – यह माता तुलसी का अपमान है।

  5. पूजा के समय मोबाइल न चलाएँ – शाम 6:39 से 10:45 बजे तक uninterrupted पूजा करें।

  6. अपनी इच्छा अस्पष्ट न रखें – इच्छाएँ स्पष्ट और मापने योग्य हों।

  7. तुलसी के पास शिकायत न करें – इस दिन तुलसी क्षेत्र “Manifest Field” होता है, नकारात्मक शब्द बोलना ऊर्जा को उलट देता है।

2 November Tulsi Vivah 2025 के 7 धनवृद्धि टोटके

ये उपाय प्राचीन ग्रंथों और ऊर्जा विज्ञान दोनों में प्रमाणित हैं।

  1. सिंदूर और हल्दी की सीधी रेखा बनाएं
    शाम 6:39–10:45 के बीच तुलसी की डंठल पर हल्दी, सिंदूर और गंगाजल से सीधी रेखा बनाएं। इसे “Gauri-Lakshmi Activation Line” कहा जाता है।

  2. तुलसी के गमले में 11 कौड़ियाँ दबाएं
    दाईं ओर की मिट्टी में 11 cowries दबाने से व्यापारिक लाभ और धन वृद्धि होती है।

  3. विशिष्ट वाक्य बोलें:
    हे देवी तुलसी! धन के द्वार खोलो, बाधाएँ हटाओ।
    यह वाक्य एक शक्तिशाली ऊर्जा आदेश (Energy Command) है।

  4. 1 चम्मच दूध चढ़ाएँ
    दूध “श्री तत्व” का प्रतीक है। यह धन की ऊर्जा को आकर्षित करता है।

  5. दो इलायची अर्पित करें
    इलायची शुक्र ग्रह को सक्रिय करती है, जो प्रेम और धन दोनों का कारक है।

  6. चांदी का सिक्का चढ़ाएँ
    तुलसी में एक चांदी का सिक्का 24 घंटे के लिए रखें। अगले दिन उसे पर्स में रख लें – यह 6 महीने तक लक्ष्मी का प्रतीक बना रहेगा।

  7. “श्री” जप 27 बार करें
    तुलसी माला (108 दाने) से केवल 27 बार “श्री” जपें। यह 27 नक्षत्रों का प्रतीक है और तेज़ परिणाम देता है।

Read More:

2 नवंबर को है तुलसी विवाह — जानें वो 5 गलतियां जो आपके सारे पुण्य बिगाड़ सकती हैं!

विश बाइंडिंग विधि (Wish Binding Process)

अधिकांश लोग पूजा करते हैं लेकिन अपनी इच्छा को “Bind” नहीं करते, इसलिए परिणाम आधे रह जाते हैं।

कैसे करें:

  • तुलसी की मिट्टी को हाथ से छूकर अपनी इच्छा एक वाक्य में बोलें।

  • ध्यान रहे — वाक्य भविष्य काल में नहीं होना चाहिए।

❌ गलत: “मेरे पास पैसा आएगा।”
✅ सही: “मेरे पास पैसा है।”

सही वाक्य का फॉर्मेट:
मेरे जीवन में ________ है और मैं इसके लिए ब्रह्मांड को धन्यवाद देता/देती हूँ।

उदाहरण:
“मेरे जीवन में abundant धन flow है और मैं इसके लिए ब्रह्मांड को धन्यवाद देता हूँ।”

इसे तीन बार बोलें — न कम, न ज्यादा।
क्योंकि 3 = सृष्टि, पालन और संहार (Trimurti Code)।

इसके बाद तुलसी को 1 इलायची, 1 लौंग और 1 पान का टुकड़ा अर्पित करें।
यह आपकी इच्छा को “Seal” करता है।

घर में Balcony / Veranda Version Tulsi Vivah 2025

जिनके घर में मंदिर या मंडप नहीं है, वे भी सरल विधि से तुलसी विवाह कर सकते हैं।

शुभ समय

  • शुभ लग्न: 08:42 AM – 11:18 AM

  • शुभ चौघड़िया: 12:05 PM – 02:43 PM

  • मुख्य विवाह समय (संध्या): 06:17 PM – 08:22 PM

आवश्यक सामान

वस्तु उपयोग
तुलसी का पौधा मुख्य कन्या
भगवान विष्णु / शालिग्राम वर
हल्दी, कुमकुम, चावल श्रृंगार हेतु
नारियल शुभ प्रारंभ
2 फूल मालाएँ विवाह प्रतीक
हल्दी + चंदन तिलक
धूप, दीप, कपूर पूजन आवश्यक
मिश्री / पंचामृत प्रसाद
रेशमी दुपट्टा तुलसी ओढ़ाने हेतु
रूई की 2 बत्तियाँ दीप प्रतीक

Setup

  • तुलसी के पौधे को साफ करके बालकनी या बरामदे में रखें।

  • उसके सामने कपड़ा बिछाएँ।

  • भगवान विष्णु / शालिग्राम को तुलसी के सामने रखें।

  • दीया जलाकर पूजा आरंभ करें।

मुख्य पूजा क्रम

  1. कलश अभिषेक मंत्र
    “ॐ अपवित्रः पवित्रो वा सर्वावस्थांगतोऽपि वा।
    यः स्मरेत् पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यंतरः शुचिः॥”
    इसे 3 बार बोलें और जल का छिड़काव करें।

  2. श्रृंगार करें
    तुलसी पर हल्दी-कुमकुम का तिलक लगाएँ, दुपट्टा ओढ़ाएँ, फूलों से घेरा बनाएँ।

  3. तिलक और पुष्प अर्पण
    पहले विष्णु जी को तिलक करें, फिर तुलसी माता को।
    “ॐ तुलस्यै नमः, ॐ नारायणाय नमः” कहते हुए फूल चढ़ाएँ।

  4. विवाह मंत्र
    तुलसी और विष्णु की माला को हल्के से स्पर्श कराएँ और बोलें –
    “इदम् विष्णु प्राणनाथाय तुलसी कन्यादानं समर्पयामि।”

  5. तीन परिक्रमा करें
    दीपक लेकर तुलसी के चारों ओर तीन बार घूमें।

  6. अंतिम भोग
    पंचामृत और मिश्री अर्पित करें और परिवार में बाँटें।

रात के तीन विशेष कार्य

कार्य लाभ
तुलसी में गन्ने का रस डालना धनवृद्धि और स्थिरता
लक्ष्मी जी को 1 लौंग चढ़ाना वित्तीय बाधाओं का निवारण
विष्णु सहस्रनाम के 11 नाम बोलना शुभ समाचार का आगमन

तुलसी विवाह 2025 बनाम पिछले वर्ष

वर्ष तिथि प्रमुख योग प्रभाव
2024 12 नवंबर चंद्र-मंगल योग पारिवारिक सुख
2025 2 नवंबर शुक्र-चंद्र योग धन और सफलता में वृद्धि

इस बार तुलसी विवाह का संयोजन पिछले वर्ष की तुलना में अधिक शक्तिशाली माना जा रहा है, क्योंकि शुक्र और चंद्रमा का अनुकूल योग आर्थिक समृद्धि और सौभाग्य के नए द्वार खोलता है।

निष्कर्ष

2 November Tulsi Vivah 2025 न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि यह ब्रह्मांडीय ऊर्जा से जुड़ने का एक सशक्त माध्यम है। इस दिन की पूजा “Wish Fulfillment Window” खोलती है – यानी जो इच्छा आप मन से स्पष्ट रूप में बोलते हैं, वह पूर्ण होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

अगर आप इस दिन श्रद्धा, संकल्प और सात्विकता से तुलसी विवाह करते हैं, तो यह आपके जीवन में स्थायी धन, सुख, और समृद्धि का द्वार खोल देता है।

“तुलसी विवाह 2025 – धन, प्रेम और शांति का शुभ आरंभ।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *